भाजपा की जेल, कांग्रेस की बेल, हो रहा है छत्तीसगढ़ में सत्ता का खेल : संजीव अग्रवाल

रायपुर।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक संजीव अग्रवाल ने प्रदेश में चल रहे ताज़ा हालात में जेल और बेल की राजनीति पर चुटकी लेते हुए कहा है कि विगत 5 दिनों से प्रदेश की राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों द्वारा जो जेल और बेल का खेल चल रहा है इससे यह साफ प्रतीत होता है कि यह दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे से सांठगांठ कर सत्ता का खेल खेल रही है और छत्तीसगढ़ वासियों को मूर्ख बनाया जा रहा है।

संजीव अग्रवाल ने शक जाहिर करते हुए कहा कि यह जो जेल और बेल का खेल भाजपा और भूपेश कर रहे हैं ये दोनों पक्षों के द्वारा रचा गया षड्यंत्र है ताकि रोज़ाना बढ़ने वाले पेट्रोल डीजल के दामों पर से जनता का ध्यान हटाया जा सके। दोनों ही पक्षों ने एक सोची-समझी राजनीति के तहत इस कार्य को अंजाम दिया है।

संजीव अग्रवाल ने पूछा कि भूपेश बघेल ने किसानों, आदिवासियों, बेरोजगारों और ग़रीबों के लिए आज तक आंदोलन क्यों नहीं किया? क्या जेल जाने के बाद भूपेश ने एक भी दिन अनशन या भूख हड़ताल किया?

उल्टा जेल डीजी के द्वारा दी गई सुख सुविधाओं का उपयोग कर भरपूर आनंद लिया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि यह सारा खेल भाजपा सरकार द्वारा रचा गया था और यह पूरा खेल भाजपा और भूपेश बघेल के मिली-भगत का प्रतिरूप है।

संजीव अग्रवाल ने कहा कि क्या सीडी कांड के कारण जेल जाने से उन्होंने अपनी पार्टी की इज़्ज़त बढ़ाने का कार्य किया है? क्या सीडी कांड में जेल जाकर उन्होंने जनता की कोई आवाज़ उठाई है? छत्तीसगढ़ में आज तक कई घोटाले हुए हैं जैसे एक मंत्री का फॉर्म हाउस का केस, जैसे कई आदिवासी बालिकाओं के लापता होने का केस, जैसे जंगल जंगल और ज़मीन को सरकार ने अवैध तरीके से कब्ज़ा कर लिया है उसका केस, बेरोज़गार युवाओं ने आत्महत्या की है.

उसका केस, किसानों ने आत्महत्या की है उसका केस, क्या भूपेश बघेल ने कभी इन वर्गों का आवाज़ उठाने की कोशिश की और क्या इनके लिए कभी उन्होंने जेल भरो आंदोलन किया है?

आज जो लोग भूपेश बघेल के समर्थन में जेल जाने को तैयार हैं और जेल भरो आंदोलन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं वह लोग कोई कार्यकर्ता नहीं है और ना ही वह जनता की आवाज़ उठा रहे हैं वह लोग पार्टी के हाई-कमान के सामने टिकट पाने के लिए अपनी काबिलियत दिखाने की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन जनता अब इन पाखंडी नेताओं की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में इन को करारा जवाब देगी।

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