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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पूर्व टीएमसी की तिजोरी से पकड़ी गई ब्लैक मनी

आयकर -सीबीआई की दबिश से ममता के सहयोगियों में हड़कंप मच गया

कोलकाता:तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आर्थिक सहयोगियों के ठिकानों में केंद्रीय एजेंसियों ने दबिश देकर राजनैतिक गलियारा गरमा दिया है। आयकर -सीबीआई की दबिश से ममता के सहयोगियों में हड़कंप मच गया है।

उधर दबिश के बाद टीएमसी से बीजेपी में शामिल नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि टीएमसी प्राइवेट लिमिटेट कंपनी है। यहाँ तानाशाही होती है। उन्होंने कहा कि अब दीदी की जमीन खिसक गई है।

जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने इस्पात, संगमरमर और अनाज के कारोबार में शामिल कोलकाता के दो कारोबारी समूहों पर छापा मारकर 178 करोड़ रुपये के कालेधन का पता लगाया है। सीबीडीटी ने इसकी पुष्टि भी की है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, एक करोड़ रुपये नकद और 1.42 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए गए हैं। इस्पात के विनिर्माण और व्यापार, संगमरमर एवं पत्थर तथा अनाज के व्यापार में शामिल कोलकाता के दो समूहों के परिसरों में छापे मारे गये थे।

बयान में कहा गया है कि इन समूहों ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने खुद के बेहिसाब धन को बाहर भेज कर वापस लाने के लिए कागजी या फर्जी कंपनियों का सहारा लिया था। सीबीडीटी ने बताया कि अब तक कुल 178 करोड़ रुपये की गुप्त रखी गई आय का पता चला है। मामले की जाँच जारी है।

उधर कोलकाता में सीबीआई दबिश से भी हड़कंप है। मवेशी तस्करी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने टीएमसी नेता विनय मिश्रा को समन भेजा है। सीबीआई ने उन्हें चार जनवरी को कोलकाता के निजाम पैलेस में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।

गुरुवार को सीबीआई ने मवेशी तस्करी मामले में पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों की तलाशी ली थी। इसमें तृणमूल कांग्रेस नेता विनय मिश्रा के ठिकाने भी शामिल थे। विनय मिश्रा को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का सबसे करीबी समझा जाता है।

एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने मिश्रा के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है | अंदेशा है कि वह देश छोड़कर बाहर भाग सकते है। सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में मवेशी तस्करी गिरोह के कथित सरगना और बीएसएफ के दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी इसी मामले में की है।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी की प्राथमिक जांच में पता चला कि भारत-बांग्लादेश की सीमा पर गैर कानूनी तरीके से मवेशियों की तस्करी सीमा सुरक्षा बल और सीमा शुल्क विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को तस्करों द्वारा रिश्वत देकर की जा रही है।

उधर चुनाव प्रचार के जोर पकड़ते ही सीबीआई और आयकर की सक्रियता से ममता बनर्जी के आर्थिक सहयोगियों की हालत पतली बताई जा रही है। कई कारोबारी तो अभी से भूमिगत हो गए है। जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने पश्चिम बंगाल से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाई है।

सीबीआई के निदेशक आरके शुक्ला ने शारदा और संबंधित चिटफंड घोटाले के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में जनवरी 2021 तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके चलते टीएमसी में खलबली मच गई है। बताया जा रहा है कि जाँच से बचने और सिर पड़ी मुसीबत से निकलने के लिए टीएमसी के कई नेताओं ने बीजेपी का दामन थामना शुरू कर दिया है।

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