छत्तीसगढ़

रायगढ़ के लैलूंगा में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पति व जीजा निकले हत्यारे, दोनों गिरफ्तार

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह नेतृत्व में एक बार फिर रायगढ पुलिस अपराधियों पर भारी रही । एसपी तथा एएसपी द्वारा ब्लाइंड मर्डर में दिये गये महत्वपूर्ण निर्देश पर एसडीओपी धरमजयगढ़ सुशील कुमार नायक के नेतृत्व वाली टीम द्वारा थाना लैलूंगा अंतर्गत ग्राम भेलवाटोली एवं खम्हार के बीच जंगल में मिले अज्ञात महिला के हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली गई है । मामले में लैलूंगा पुलिस द्वारा मृतिका के पति और उसके जीजा को हत्या कर साक्ष्य छिपाने के अपराध के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । घटना का खुलासा आज दिनांक 20.01.2021 को पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ में एडिशनल एसपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया गया।

प्रेस कान्फ्रेंस में एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा बताये कि दिनांक 12.01.2021 को थाना लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत एक अज्ञात महिला उम्र करीब 25-30 वर्ष की डेड बॉडी भेलवाटोली-खम्मार जंगल के बीच मिली थी । महिला के गले को दुपट्टा से घोंटा जाना तथा प्रथम दृष्टया ही हत्या प्रतीत होने पर मौके पर एसडीओपी धरमजयगढ़, थाना प्रभारी लैलूंगा, एफ.एस.एल. की टीम, साइबर की टीम, डॉग स्कॉड को भेजा गया । शव का पी.एम कराकर डॉक्टर से मृत्यु के संबंध में अभिमत/शॉट पी.एम. रिपोर्ट प्राप्त कर दिनांक 13.01.21 को अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अप.क्र. 12/2021 धारा 302. 201 IPC पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।

एएसपी बताये कि पुलिस की शुरुआती परेशानी मृतिका की शिनाख्तगी की थी जिसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी जिसके बाद मृतिका की शिनाख्त हो सकी । शिनाख्तगी की कड़ी में जिले के सभी थाना के गुम इंसानों के हुलिया से मृतिका का मिलान किया गया । CCTNS ऑपरेटर्स को पोटर्ल पर राज्य के लगभग सभी जिलों के गुम इंसान से हुलिया का मिलान कराया गया, सभी सोशल मीडिया ग्रुप में मृतिका के फोटो वायरल किए गए । पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना/चौकी प्रभारियों एव पिछले 06 माह में पारिवारिक केन्द्र में आये पति-पत्नी विवादों पर भी जांच कर मृतिका के वारिशानों का पता लगाने के निर्देश दिये । साथ ही एसडीओपी धरमजयगढ़ को धरमजयगढ़ अनुविभाग से इस उम्र की महिलाएं जो बाहर कामने-खाने गई हैं, उनकी जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया गया । धरमजयगढ़ एसडीओपी की पूरी टीम लगातार मृतिका के वारिसानों का पता लगा रही थी । कहीं कुछ जानकारी मिली कि इस हुलिया/उम्र की महिला कमाने खाने ओडिसा के लेफरीपारा, दिल्ली, बिहार, झारखंड गई हैं, सभी के रिस्तेदारों से सम्पर्क कर तस्दीकी की गई तथा जिनसे सम्पर्क नहीं हुआ उनकी तस्दीकी के लिये टीमें दिल्ली, ओडिसा रवाना किया गया । आखिरकार सोशल मीडिया में वायरल किए गए तस्वीर के जरिए मृतिका के सरस्वती मराण्डी पिता सुजीत मराण्डी उम्र 23 वर्ष निवासी ढांगी करतस, जिला धनबाद (झारखंड) के रूप में हुआ । मृतका की शिनाख्तगी के बाद मामले में नए पहलू सामने आया जिससे अनसुलझे हत्याकांड की परत दर परत गुत्थी सुलझती गई । लैलूंगा पुलिस को हत्याकांड में ग्राम कमरगा थाना लैलूंगा के जयकुमार सिदार, के मृतिका के कथित पति होने की जानकारी मिली । लैलूंगा पुलिस द्वारा गोपनीय तरीके से जयकुमार सिदार का उसके गांव में पता लगाया गया तो जानकारी मिली की जय कुमार सिदार तथा उसका जीजा रवि कुमार सिदार दोनों ही अपने-अपने गांव से गायब है ।

हत्या के इस गंभीर मामले में एसपी रायगढ़ द्वारा अज्ञात महिला के वारिसानों एवं संदिग्धों की पतासाजी के लिए थाना लैलूंगा, धरमजयगढ़, चौकी रैरूमा की तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई । टीम-01 में स्वयं एसडीओपी सुशील नायक, उपनिरीक्षक प्रवीण मिंज, थाना धरमजयगढ़, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, चौकी रैरूमा आरक्षक प्रदीप जॉन, चौकी रैरूमा आरक्षक राजेंद्र राठिया थाना धरमजयगढ़ तथा टीम-02 में थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक एल.पी. पटेल, आरक्षक मायाराम राठिया, धनुर्जय बेहरा, जुगित राठिया,अमरदीप एक्का एवं टीम-03 में उपनिरीक्षक बी.एस. पैकरा, सउनि माधवराम साहू, प्रधान आरक्षक संजय यादव, आरक्षक इलियास केरकेट्टा की टीम बनाई गई । टीम-01 को किलकिला, फरसाबहार, बागबाहर एवं तपकरा तथा टीम-02 को पत्थलगांव, घरघोड़ा, लारीपानी, चिमटीपानी एवं टीम-03 को बागबाहर, कांसाबेल, कापू, दरिमा, अंबिकापुर की ओर पतासाजी के लिए लगाया गया था । तीनों टीमों के अथक प्रयास पर अज्ञात मृतिका के आरोपियों को ग्राम रजौरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर से हिरासत में लेकर थाना लाया गया । दोनों आरोपी पुलिस से लुक-छिप कर रजौरी के जंगल में लकड़ी काटने का काम कर रहे थे । दोनों दोनों ने सरस्वती मराण्डी की हत्या करना स्वीकार किये हैं ।

आरोपी जय कुमार सिदार बताया कि चार-पांच साल पहले कमाने खाने बोकारो, झारखंड गया था, वहां राजू टिंबर ट्यूनिंग प्लांट में और क्लीनर मशीन चलाता था और किराए मकान में रह करता था । मोबाइल के जरिए सरस्वती मरांडी से जान परिचय हुआ । दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और जयकुमार सिदार सरस्वती को पत्नी बनाकर रख लिया था । सरस्वती 2017 में प्रौढ़ शिक्षा मिशन के तहत पढ़ाने का काम कर रही थी । दोनों बोकारो में किराए मकान में एक साथ रहते थे । वर्ष 2020 में लॉकडाउन में दोनों बोकारो से गांव कमरगा आकर रह रहे थे । कमरगा में जयकुमार सिदार, तेजराम सिदार की ट्रैक्टर चलाता था । एक दिन ट्रैक्टर को एक्सीडेंट कर देने पर तेजराम सिदार, जय को डांट फटकार किया । तब से जयकुमार सिदार, अपनी पत्नी सरस्वती के साथ अपने जीजा रवि सिदार के घर ग्राम सरडेगा में रहने लगा । ग्राम सरडेगा के लोग दबी जुबान से जय कुमार को दूसरे समाज की लड़की को पत्नी बना कर रखा है इसे समाज से अलग करना है कहते थे, जिससे जय कुमार परेशान था और उसने अपने जीजा रवि के साथ सरस्वती की हत्या का प्लान बनाया और प्लान के तहत दिनांक 07.01.2021 को घूमने जाने का बहाना कर सरस्वती को मोटरसाइकिल सीडी एचएफ डीलक्स में बिठाकर लैलूंगा ले कर आए । लैलूंगा बस स्टैंड में खाने पीने के सामान व सरस्वती कपड़े खरीदी । तीनों फिर खम्हार के झरन डेम गये, जहां सरस्वती वही पीली सलवार कुर्ती पहनी जिसे वह गांव कमरगा के सुनीता सिदार (ट्रेलर) के पास बनवाई थी, वहां उन्होंने मोबाइल पर खूब सेल्फी लिये । शाम करीब 05-06 बजे भेलवाटोली एवं खम्हार के बीच पगडंडी रास्ते में रवि सिदार पेशाब करने का बहाना कर रुका । उसी समय जयकुमार सिदार, सरस्वती के बाल को पकड़कर जमीन में पटक दिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया जिसके बाद रवि और जयकुमार सिदार सरस्वती के गले में नीले रंग की चुनरी से गांठ बांधकर खींचे और लाश को सरई झाड़ियों के बीच छिपा दिए । दोनों आरोपी भागने की हड़बड़ी में अपने चप्पल, गमछा भी घटनास्थल के पास छोड़ गये । लैलूंगा पुलिस आरोपी 1- जय कुमार सिदार पिता शरदराम सिदार उम्र 25 साल निवासी कमरगा, थाना लैलूंगा 2- रवि सिदार पिता रूपसिंह सिदार उम्र 30 वर्ष निवासी सरडेगा थाना लैलूंगा को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । लैलूंगा पुलिस आरोपियों के चप्पल, गमछा तथा मोबाइल पर खींची हुई तस्वीरें मोबाइल पर खींची हुई तस्वीरों का स्क्रीन शॉट, मृतिका का मोबाइल एवं आरोपी की एचएफ डिलक्स बाइक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त किया गया है । आरोपियों को आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक रायगढ़ संतोष कुमार के कुशल मार्गदर्शन पर अनसुलझे हत्याकांड का खुलासा हुआ । पुलिस टीम द्वारा स्मार्ट पुलिसिंग के जरिये सोशल मीडिया का बेहतरीन उपयोग एवं त्वरित कार्यवाही से आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है जिससे क्षेत्र की जनता में पुलिस की कार्यप्रणाली पर विश्वास बढ़ा है ।

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