राज्य

कर्नाटक मेडिकल कॉलेज ने रद्द किया प्रवेश, नेत्रहीन छात्र ने दी आत्महत्या की धमकी

कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के एक नेत्रहीन छात्र ने आत्‍महत्या की धमकी दी है। छात्र की धमकी के बाद एमसीआई ने कॉलेज से पूछा है कि इस मामले में छात्र की काउंसलिंग कर जवाब दे। एमबीबीएस सेकंड इयर स्‍टूडेंड को ब्लाइंडनेस के चलते उसका प्रवेश रद्द कर दिया गया था।

कर्नाटक रायचूर के रहने वाले 19 वर्षीय सुरेश नेत्रहीन हैं। रायचूर कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस ने सुरेश का प्रवेश रद्द कर दिया। एक डॉक्टर के आधार पर एमसीआई ने पाया कि उनकी हालत गंभीर है जिसके चलते उसका प्रवेश रद्द कर दिया। इस मामले के बाद सुरेश ने आत्महत्‍या की धमकी दी है।

एमसीआई ने इस पूरे प्रकरण पर कॉलेज प्रशासन से जवाब तलब किया है। इसके अलावा एमसीआई ने कॉलेज और रायचूर के जिलाधिकारी को इस मामले को गंभीरता से देखने के लिए कहा है।

बीते 26 जून 2017 को सुरेश के प्रवेश को रद्द करने का आदेश दिया गया। सुरेश ने 28 अगस्त को एमसीआई को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने के बारे में कहा है।

एमसीआई के नियमों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए 50 से 70 फीसदी दिव्यांग उम्मदीवार के लिए एक सीट आरक्षित है। अधिक गंभीर स्थिति वाला कोई भी उम्मीदवार प्रवेश के लिए पात्र नहीं है।

सुरेश ने अपने प्रवेश को रद्द करने के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने अंतिम आदेश फरवरी 2018 तक पढ़ाई जारी रखने को कहा है।

गौरतलब है कि अभी हाल में सुप्रीम कोर्ट ने एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले दो कलर ब्लाइंड (रंगों में फर्क ना कर पाने वाले) छात्रों को अगले एकेडमिक ईयर के लिए दाखिला देने का आदेश दिया।

अदालत के इस आदेश ने कलर ब्लाइंड छात्रों के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई करने का रास्ता खोल दिया है। शीर्ष अदालत ने अपने कदम को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि मामले के खास तथ्यों और परिस्थितियों से उसे संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ी।

दोनों छात्रों ने नीट से पहले, वर्ष 2015 में त्रिपुरा सरकार द्वारा आयोजित कराई गई प्रवेश परीक्षा में काफी अच्छे अंक हासिल किए थे।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘हम अपीलकर्ता को अकादमिक वर्ष 2018-19 के लिए प्रतिवादी संख्या दो को कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला देने और उस वर्ष के लिए कोटे से दो सीटे कम करने का आदेश देते हैं।

इससे पहले एमसीआई और त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज ने शुरुआत में इन छात्रों को एमबीबीएस कोर्स में दाखिला देने पर आपत्ति जताई थी क्योंकि प्रवेश परीक्षा में पास होने के बावजूद ये कलर ब्लाइंडनेस से पीड़ित थे।

Summary
Review Date
Reviewed Item
एमबीबीएस
Author Rating
51star1star1star1star1star
Opinion Poll
With assembly election ahead With assembly election ahead, well known Digital Media platform clipper28.com has decided to gauge the mood of Chhattisgarh through its own opinion poll. As an aware voter and stakeholder of the democratic process, kindly do answer the following questions so that prevailing mood of state can be ascertained.
Name
Age
Assembly Segment
Phone Number
Which party will emerge as the single largest party?
Which party will win how many seats?
Whom would you like to see as next Chhattisgarh Chief Minister?
Have you witnessed development work in your area?
Do you think that farmers of Chhattisgarh are satisfied with BJP government?
Do you think youngsters are happy with employment scenario created by Chhattisgarh/state government?
Do you think state government has done enough on issue of women empowerment?
Are you satisfied with work done by your legislator? Have electoral promises been fulfilled or not?
Are you satisfied with the amenities provided by the government in your area?
Do you think the state government has successfully tackled naxal menace?
Are you satisfied with work done by different state Ministers?

Please do vote...

ओपिनियन पोल
छत्तीसगढ़ की आगामी विधानसभा चुनाव के लिए डिजिटल मीडिया ‘clipper28.com’ नेसटीक ओपिनियन पोल करनेका निश्चय किया है. अतः आप नीचे दिए सवालों के निष्पक्ष जवाब देंताकि राज्य की आने वाले दिनों की सही सियासी तस्वीर सामनेआ सके. कृपया अपना मत जरूर दें- With assembly election ahead
नाम
विधानसभा क्षेत्र
आयु
फ़ोन नं
विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी कौन सी होगी ?
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी?
अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहेंगे?
क्या आपके क्षेत्र में विकास दिखाई पड़ रहा है?
क्या छत्तीसगढ़ का किसान भाजपा शासन से संतुष्ट है?
जो रोजगार छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया, क्या उससे युवा वर्ग संतुष्ट है?
राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो किया, उससे महिलाएं संतुष्ट हैं?
क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं? उन्होंने अपने वादे पूरे किए या अधूरे हैं उनके काम?
क्या आप अपने क्षेत्र की सरकारी सुविधाओं सेसंतुष्ट हैं?
क्या नक्सली समस्या पर नियंत्रण हुआ है?
क्या प्रदेश के मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट हैं?
-देश हित के लिए मतदान अवश्य करें-
Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.