सलमान खान के NGO ‘बीइंग ह्यूमन’ को बीएमसी ने किया ब्‍लैकलिस्‍ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक अन्‍य बीएमसी अधिकारी ने कहा है कि सलमान खान के एनजीओ बीइंग ह्यूमन को बैंक गैरंटी से लेकर सभी तरह की इजाजत दी जा चुकी थी

सलमान खान के एनजीओ बीइंग ह्यूमन को हाल ही में मुसीबत का सामना करना पड़ा है. दरअसल में सलमान खान के एनजीओ ‘बीईंग ह्यूमन’ ने साल 2016 में बीएमसी के साथ मिलकर डायलिसिस सेंटर बनाने की घोषणा की थी. लेकिन अब एनजीओ द्वारा यह काम पूरा न किए जाने पर खबर है कि बीइंग ह्यूमन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सलमान का एनजीओ वादों को पूरी तरह से निभाने में असफल रहा है और इस वजह से एनजीओ को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है. एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर ईडेज कुंदन ने भी इस खबर को सही करार दिया है.

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डायलिसिस सेंटर में लगानी थी मशीनें
मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक साल 2016 में बीएमसी ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ( पीपीपी) के तहेत 12 डायलिसिस सेंटर खोलने की योजना बनाई थी. इस दौरान बीएमसी ने लगभग 350 रुपये इलाज की फीस रखी थी. सलमान के एनजीओ ने 339.50 रुपये में डायलिसिस सर्विसेज लोगों तक पहुचांने का निर्णय लिया था. इसमें एनजीओ ने बांद्रा में 24 डायलिसिस मशीनें लगाने की बात कही थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक अन्य बीएमसी अधिकारी ने कहा है कि सलमान खान के एनजीओ बीइंग ह्यूमन को बैंक गैरंटी से लेकर सभी तरह की इजाजत दी जा चुकी थी. लेकिन सारी इजाजत मिलने के बाद भी यह सेंटर शुरू नहीं हो पाए हैं. इसके साथ ही बीएमसी ने एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करने की पहले से ही चेतावनी दी थी.
वहीं दूसरी तरफ बीइंग ह्यूमन की तरफ से सामने आ रहे बयान में दूसरी कहानी कही जा रही है. उनका कहना है कि कुछ जरूरी आवश्यकताएं पूरा करने में सिविक बॉडी असफल रही है. बीइंग ह्यूमन चाहता है कि सिविक बॉडी द्वारा ये जरूरत पूरी की जाए और दोनों के बीच कॉन्ट्रेक्ट में इसे जोड़ा जाए.

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