नवाजुद्दीन सिद्दीकी का अपनी बायोग्राफी में खुलासा, मैंने उसे बाहों में भरा और सीधे बेडरूम…

नई दिल्ली: अकसर बॉलीवुड के सितारे अपनी बायोग्राफी में अपनी जिंदगी के सच कहते हैं, और यह सच इस तरह के होते हैं कि सनसनी फैला देते हैं. ऐसा ही कुछ नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी कर दिखाया है.

उन्होंने अपनी बायोग्राफी में अपने प्रेम संबंधों और सिर्फ अपनी प्रेमिकाओं के शरीर के प्रति अपने लगाव की बात को बहुत ही बेबाकी के साथ स्वीकारा भी है.

उन्होंने बेबाकी से माना है कि जिन लड़कियों के साथ उनके प्रेम संबंध बने, उनके साथ उनकी दिलचस्पी सिर्फ उनके शरीर तक ही थी.नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बायोग्राफी पेंगुइन-वाइकिंग से प्रकाशित हुई है.

नवाजुद्दीन ने मुंबई में अपने पहले प्यार से लेकर अपनी शादी तक के किस्से इसमें शेयर किए हैं. उन्होंने बताया है कि कैसे मुंबई में उन्हें सुनीता नाम की एक्ट्रेस से इश्क हुआ और एक दिन वह चली गई.

इसके बाद न्यूजर्सी की सुजैन उनकी जिंदगी में आईं और फिर आई ‘मिस लवली’ की उनकी को-एक्ट्रेस निहारिका सिंह. उन्होंने अपनी किताब में लिखा हैः

 

“…मिस लवली की शूटिंग चल रही थी. हम डांस सीन की शूटिंग कर रहे थे, तभी मेरी को-स्टार निहारिका सिंह को कुछ हुआ…उसके बाद वह मुझसे दूर-दूर रहने लगी. मैं परेशान था…वह काफी दोस्ताना रहती थी और बातें भी करती थी. मैंने सोचा उससे पूछना ही बेहतर रहेगा.

मैंने कई बार उससे पूछा….फिर एक दिन मैंने उसे घर मटन खाने के लिए बुलाया, जो मेरी स्पेशलिटी थी. वह मान गई…न सिर्फ उसने प्लेट में मौजूद सारा खाना खाया बल्कि उसकी तारीफ भी की.

उसने बड़े ही गर्मजोशी से कहा, ‘तुम मेरे घर आओ नवाज. मैं तुम्हारे लिए मटन बनाऊंगी.’ मैं पहली बार निहारिका के घर गया…जैसे ही उसे दरवाजा खोला घर की झलक दिखी…मैं देखता रह गया. हजारों मोमबत्तियां टिमटिमा रही थीं.

मैं ठहरा देहाती कामुक आदमी, मैंने उसे अपनी बाहों में भरा और सीधे बेडरूम में दाखिल हो गया. हमने जमकर प्यार किया. इस तरह निहारिका से मेरी रिलेशनशिप शुरू हो गई. ऐसी रिलेशनशिप जो मेरी कल्पना से परे डेढ़ साल तक चली.”

इस बीच नवाज को सुजैन के ईमेल आते रहे जिनके बारे में निहारिका को पता चल गया. उन ईमेल का जवाब निहारिका देतीं. फिर निहारिका की वजह से उन्हें सुजैन से सारे संबंध खत्म करने पड़े. नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने लिखा है कि मुझे इन संबंधों में किसी की परवाह थी तो सिर्फ अपनी.

 

वे आगे लिखते हैं, “…सभी लड़कियों की तरह निहारिका भी चाहती थी कि मैं उससे मीठी-मीठी बातें करूं. जैसी प्रेमी अक्सर करते हैं. लेकिन मैं स्वार्थी था. उसके घर जाने का एक ही उद्देश्य था, वह थी निहारिका.

मैं सिर्फ अपनी गरज से वहां जाता था…फिर मैं एक दिन उसके घर गया. उसने सिल्क रोब पहना हुआ था. मैंन उसके बगल में हाथ डाला. वह बोली, ‘नहीं नवाज! मैं तुमसे दोबारा नहीं मिलूंगी.’ मैं गिड़गिड़ाने लगा.

मैं रोने लगा. मैंने माफी मांगी. लेकिन वह अपनी बात पर डटी रही…दो महीने बाद एक और लड़की मेरी जिंदगी में आई. उस समय मुझे पता नहीं था कि कुछ साल बाद उससे मेरी उससे शादी हो जाएगी.”

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