मनोरंजन

कंगना रनौत की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत से मांगा जवाब

अभिनेत्री के बंगले के एक हिस्से को गिराने के आदेश पर लाते ने सात सितम्बर को हस्ताक्षर किए थे.

मुंबई:अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के बंगले पर की गई बीएमसी (BMC) की कार्रवाई के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) से जवाब मांगा है. कार्रवाई के खिलाफ कंगना की तरफ से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला और न्यायमूर्ति आर. आई चागला की पीठ ने बृहन्मुंबई नगर निगम के एच-वार्ड के अधिकारी भाग्यवंत लाते को भी अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने का निर्देश दिया. अभिनेत्री के बंगले के एक हिस्से को गिराने के आदेश पर लाते ने सात सितम्बर को हस्ताक्षर किए थे.

कोर्ट ने संजय को बनाया पार्टी

रनौत के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने मंगलवार को अदालत में एक डीवीडी सौंपी थी, जिसमें शिवसेना नेता राउत द्वारा अभिनेत्री को कथित तौर पर धमकाने वाला एक बयान है. इसके बाद पीठ ने राउत और लाते को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी थी. राउत के वकील प्रदीप थोराट ने शिवसेना के राज्यसभा सांसद के अभी नई दिल्ली में होने की दलील देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की. वहीं बीएमसी के वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने भी लाते को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरक्त समय देने का अनुरोध किया.

शुक्रवार से शुरू होगी सुनवाईन्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला ने कहा कि पीठ रनौत की याचिका पर शुक्रवार से सुनवाई शुरू करेगी और अदालत में अपनी दलीलें रखने के लिए राउत अपनी बारी आने से पहले कभी भी अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं. पीठ ने कहा कि बीएमसी लाते की ओर से सोमवार तक जवाब दाखिल करे. पीठ ने कहा कि वह सुनवाई में देरी नहीं कर सकती.

हम ध्वस्त को घर को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते

पीठ ने कहा, ‘हम ध्वस्त किए गए घर को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते. इमारत आंशिक रूप से ध्वस्त की गई है और भारी मानसून में उसे वैसी ही स्थिति में छोड़ा नहीं जा सकता. हम याचिका पर कल से सुनवाई शुरू करेंगे.’ रनौत ने नौ सितम्बर को उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसमें याचना की गई कि कि यहां पाली हिल क्षेत्र में उनके बंगले के एक हिस्से को बीएमसी द्वारा तोड़े जाने को अदालत अवैध घोषित करे. अभिनेत्री ने इसके बाद अपनी याचिका में संशोधन करते हुए बीएमसी से दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग भी की थी.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button