पश्चिम बंगाल में BJP सांसद अर्जुन सिंह के घर के बाहर फेंके गए बम, राज्यपाल ने कही ये बात

पश्चिम बंगाल की नॉर्थ 24 परगना सीट से भाजपा के सांसद अर्जुन सिंह के घर के बाहर बम फेंके गए हैं. बता दें कि यह घटना तब हुई जब घर में सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने चिंता जाहिर किया है।

बता दें कि इस घटना के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह अपने घर पर मौजूद नहीं थे। घर के बाहर पेट्रोल बम फेंकने वालों के मकसद का अबतक कुछ पता नहीं चल सका है। घटना के दौरान घर पर अर्जुन सिंह के परिवार के सदस्य मौजूद थे। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और बम फेंकने वालों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

इस घटना को लेकर ट्वीट करते हुए गवर्नर जगदीप धनखड़ ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में हिंसा थमने का कोई संकेत नहीं मिल रहा है। सांसद अर्जुन सिंह के घर बाहर बम धमाके हुए हैं, जो कानून और व्यवस्था के लिहाज से चिंता की बात है। उम्मीद करता हूं कि बंगाल पुलिस की ओर से इस मामले में तत्काल एक्शन लिया जाएगा। उनकी सुरक्षा के मामले को पहले ही सीएम ममता बनर्जी के समक्ष उठाया जा चुका है।’ इस घटना के बाद बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की यादें एक बार फिर से ताजा हो गई हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सीबीआई इन दिनों चुनाव बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच कर रही है। हत्या, रेप और हिंसा के कई मामलों में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की है।

इससे पहले मानवाधिकार आयोग की एक टीम ने प्रदेश में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर हाई कोर्ट को रिपोर्ट दी थी। उस रिपोर्ट के आधार पर ही जांच को सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया था। हालांकि प्रदेश की ममता सरकार इस जांच के विरोध में है और हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल की है।

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को उपचुनाव होगा, जहां से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनाव लड़ने की योजना है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को उपचुनाव की तारीख की घोषणा की। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की दो अन्य विधानसभा सीटों पर भी 30 सितंबर को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में समसेरगंज और जंगीपुर सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवारों की मौत के कारण चुनाव नहीं हो सके थे।

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