बोनाप्पा और शरण की जोड़ी ने किया कमाल, भारत की झोली में एक और गोल्ड

बोपन्ना और शरण ने कजाखस्तान के अलेक्जेंदर बबलिक और डेनिस येवसेयेव को 52 मिनट में 6.3, 6.4 से हराया।

नई दिल्लीः 18 वें एशियाई खेलो में भारत के रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने एशियाई खेलों की पुरूष युगल टेनिस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। बोपन्ना और शरण ने कजाखस्तान के अलेक्जेंदर बबलिक और डेनिस येवसेयेव को 52 मिनट में 6.3, 6.4 से हराया।

मैच में 20 मिनट के भीतर भारतीय टीम ने 4.1 से बढत बना ली थी। इसके बाद बढत 5.3 की हो गई और बोपन्ना की र्सिवस पर भारत ने पहला सेट जीता। कजाख खिलाडिय़ों ने कई गलतियां की।

दूसरी ओर बोपन्ना और शरण के बीच गजब का तालमेल देखने को मिला। बोपन्ना ने बेसलाइन से शानदार खेल दिखाया और अच्छे विनर लगाए। दूसरे सेट में कजाख टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन सहज गलतियों पर काबू नहीं पा सके। उन्होंने पांचवें गेम में डबल फाल्ट भी किया जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

कजाख टीम के पास रफ्तार थी तो भारतीयों के पास अनुभव। एक समय स्कोर 3.3 था लेकिन बोपन्ना और शरण ने 5.3 की बढत बना ली। इसके बाद भारतीयों ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए सेट और मैच जीत लिया।

मौजूदा खेलों में टेनिस में यह भारत का पहला स्वर्ण है। इससे पहले सोमदेव देववर्मन और सनम सिंह ने 2010 में ग्वांग्झू में पीला तमगा जीता था।

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