बोले प्रेमसाय, मंत्रिमंडल संतुलित, कांग्रेस में एसटी वर्ग को मिलता है पर्याप्त महत्व

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बिलासपुर।

कांग्रेस ने प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री की कभी भी मांग नहीं की थी। जो लोग पार्टी के भीतर यह मांग करते रहे हैं अब वे पार्टी से बाहर हो गए है। उक्त बातें प्रदेश के सहकारिता ,स्कूल शिक्षा , अनुसूचित जाति.जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। डॉ. सिंह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि मंत्रिमंडल का गठन संतुलित है। आदिवासी क्षेत्रों से मंत्रिमंडल में अनुसूचित जनजाति के विधायकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है।

अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों से कांगे्रस के सर्वाधिक विधायक निर्वाचित होने और उनको मंत्रिमंडल में यथोचित स्थान नहीं मिलने से इस वर्ग के विधायकों में नाराजगी को निराधार बताया। सहकारिता एवं स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार जनघोषणा पत्र के हर बिंदु का अक्षरशः पालन के लिए कटिबद्ध है। एक.एक करके जनघोषण पत्र को लागू किया जाएगा।

डॉ. प्रेम साय ने मंत्रिमंडल में संभाग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की बात कहीं। एक सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री ने कहा कि कांगे्रस ने कभी भी आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग नहीं की थी। उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि पार्टी के कुछ लोग यह मांग उठाते रहे। ऐसा मांग करने वाले लोग अब पार्टी से बाहर कर दिए गए है। सड़क मार्ग से गुजरते जाते समय मंत्री छत्तीसगढ़ भवन में रुके थे। इस अवसर पर कांग्रेसियों ने उन्हें बुकें भेंट कर स्वागत किया।

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