ट्रेन को बड़ी नुकसान पहुंचाने दोनों ओर की पटरी उखाड़ी, 12 घंटे में बहाल हुआ मार्ग

दंतेवाड़ा।

केके रेलवे लाइन पर ट्रेन को बड़ी नुकसान पहुंचाने नक्सलियों ने पहली बार दोनों ओर की पटरी उखाड़ दी थी। लेकिन ट्रेन की धीमी रफ्तार और चालक की सूझबूझ से रेलवे को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। उधर सूचना के बाद बचेली और भांसी थाना क्षेत्र की फोर्स तत्काल मौके पर पहुंची। इसके चलते रात में ही मार्ग बहाल करने में कर्मचारी जुट गए और सुबह साढ़े 10 बजे यातायात शुरू हो गई।

बुधवार की रात नक्सलियों ने भांसी-बचेली के बीच नेरली पुल के करीब रेलवे ट्रैक की पटरियां उखाड़ दी थी। जिसकी वजह से ट्रेन पटरी से उतर गई है। इस नक्सली वारदात में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन मालगाड़ी के इंजन पटरी से उतर गया था।

इधर हादसे की सूचना चालक और गार्ड ने रात को अपने उच्चाधिकारियों को तत्काल दे दी। लेकिन इसके बाद उनका संपर्क रेलवे विभाग से टूट गया। इसके चलते कई आशंकाएं बढ़ गई थी। लेकिन देर रात फोर्स मौके पर पहुंची तब तक दोनों कर्मचारी बचेली स्टेशन पहुंच चुके थे।

सूत्रों की माने तो नक्सली नेरली पुल के समीप इस बार बड़े हादसे को अंजाम देना चाहते थे। लेकिन ट्रेन की धीमी रफ्तार के साथ ड्राइवर की सूझबूझ काम आई। उसने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। बावजूद इसके एक इंजन पटरी से उतर गया। उधर मालगाड़ी के डिरेल होने की सूचना पर एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने भांसी और बचेली थाने से फोर्स को मौके के लिए रवाना कर दिया।

फोर्स के साथ रेलवे का मेकेनिकल स्टॉफ भी मौके पर पहुंच रात में ही मरम्मत शुरू कर दी। इस वजह से सुबह तक उखाड़ी गई पटरियों को व्यवस्थित कर दिया गया और 10 बजकर 25 मिनट पर मार्ग बहाल हो गई। ज्ञात हो कि इस मार्ग पर रात में मालगाड़ी और पैसेंजर की रफ्तार कम रखा गया है। इसका लाभ रेलवे को मिल रहा है।

ट्रेन चालक ट्रेक से पटरी उखड़ने के बाद तत्काल ब्रेक लगाते हैं और बड़े हादसे को टालने की कोशिश की जाती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बुधवार की सुबह नक्सली एलएसओ कमांडर अनिल इलाके में देखा गया था। बताया जा रहा है कि उसी के नेतृत्व में इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

Back to top button