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हवाई जहाज में दोनों पायलटों को दिया जाता है अलग-अलग तरह का खाना, जाने वजह

हवाई सफर के दौरान बदल जाता है हमारा खाने का स्वाद

नई दिल्ली: खाने में कुछ गड़बड़ हुआ तो एक जैसा खाना खाकर दोनों के दोनों पायलट बीमार न हो इस कारण हवाई जहाज में पायलट और को-पायलट को अलग-अलग तरह का खाना दिया जाता है।

अगर एक पायलट बीमार हो जाता है तो दूसरा पायलट हवाई जहाज का संचालन कर सके इस कारण यह तकनीक अपनाया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हवाई यात्रा के दौरान लोग ज्यादा गैस छोड़ते हैं। इसलिए हवाई जहाज में दुर्गंध को कम करने के लिए चारकोल फिल्टर का इस्तेमाल किया जाता है।

हवाई सफर के दौरान हमारा खाने का स्वाद बदल जाता है, क्योंकि एयरलाइंस में दिए गए खानों में ज्यादा नमक का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन विमान में दबाव ज्यादा होने की वजह से हमें स्वाद में इसका पता नहीं चलता है।

हवाई जहाज में इमरजेंसी (आपातकाल) के समय जो ऑक्सीजन मास्क यात्रियों को दिए जाते हैं, उसके सहारे यात्री सिर्फ 15 मिनट ही जिंदा रह सकते हैं।

साल 1953 से पहले हवाई जहाज की खिड़कियों के कोने चौकौर होते थे, लेकिन एक दुर्घटना की वजह से बाद में खिड़कियों को गोल बनाया जाने लगा, क्योंकि गोल किनारे हवा का ज्यादा विरोध नहीं करते और इससे विमान पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है।

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