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किसानों में आक्रोश धान खरीदी का किया बहिष्कार

रैली निकाल कर की नारेबाजी

राज शार्दूल

कोण्डागांव : धान खरीदी शुरू होते ही रोज-रोज नए-नए नियमों एवं अव्यवस्था के चलते किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिससे आक्रोशित किसानों ने धान खरीदी का बहिष्कार कर दिया है तथा किसी भी किसान को धान बेचने से मना कर दिया है। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए धान खरीदी की मात्रा मे की गई कटौती को वापस लेने की मांग की है।

कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक यहां धान खरीदी का बहिष्कार होता रहेगा। अंचल के किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे व्यवस्था नहीं सुधरी और स्थितियों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो समस्याएं ज्यादा बढ़ सकती है।

जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। एक और धान खरीदी के लिए समय कम दिया गया है ऊपर से 16 क्विंटल के स्थान जगह पर मात्र 8 क्विंटल धान ही खरीदा जाना तय किया गया है। जिसके लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।

यदि समिति के द्वारा 8 क्विंटल से अधिक धान खरीदी किया भी जाता है तो वह कंप्यूटर में दर्ज नहीं हो पाएगा। इसी के चलते किसानों में आक्रोश है।

किसान सुदूराम मरकाम, महेए सेठिया, कोमल सिन्हा आदि ने बताया कि सरकार के द्वारा पहले धान खरीदी की पूरी रकम न देकर बोनस देने की बात कही गई। अब धान खरीदी की मात्रा में कटौती किया जा रहा है जो कि किसानों के साथ धोखा है।

टोकन वापस लिया गया

किसानों को धान खरीदी के लिए टोकन दिया जाता है जिसमें धान खरीदी की मात्रा एवं तारीख तय रहती है। क्षेत्र के किसानों ने 2 से 3 दिन तक लेम्पस का चक्कर लगाकर टोकन लिया था। तत्पश्चात लैंप्स कर्मी दूसरे दिन ही किसानों के पास पहुंचकर टोकन वापस मांगने लगे। बताया गया कि ऊपर से आदेश है कि किसानों को दिया गया टोकन वापस ले लिया जाए।

तब तक किसानों को माजरा कुछ समझ नहीं आया था और कई तरह की चर्चा शुरू हो गई थी। इसी बीच पता चला कि अब प्रति एकड़ 16 क्विंटल के जगह 8 क्विंटल धान खरीदी जाएगी। जिसे लेकर किसानों में भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है तथा जिले में कई जगह किसानों ने धान खरीदी केंद्रों पर प्रदर्शन करते हुए धान खरीदी का बहिष्कार किया है।

किसानों ने बताया कि धान खरीदी केंद्रों में कतार में लगकर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन लिया था तथा प्रतिदिन के हिसाब से धान खरीदी टोकन के लिए भी किसानों को काफी मशक्कत करना पड़ा था। घर से धान का सैंपल लाकर उसका नमी मापने के बाद किसानों को टोकन दिया गया था। पूरे दिसंबर माह एवं जनवरी के प्रथम सप्ताह तक का टोकन किसानों को मिला था। अब पुनः किसानों को इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

जिले के सोनाबाल, गिरोला, विश्रामपुरी, बांसकोट, सलना, बड़ेराजपुर सहित कई खरीदी केन्द्रों मे धान खरीदी के नियमों में बदलाव को लेकर भारी विरोध हुआ। बांसकोट मे खरीदी केन्द्र से लेकरपुलिस थाने तक रैली निकालकर नारेबाजी की गई। सलना के किसानों ने एकत्र होकर जमकर नारेबाजी की है।

कलेक्टर से चर्चा होगी– नोडल अधिकारी
इस संबंध में नोडल अधिकारी फैज अहमद खान ने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर कोण्डागांव से चर्चा कर उन्हें मामले की पूरी जानकारी दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि किसानों के विरोध के चलते धान खरीदी प्रभावित हो रहा है।किसान अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे धान खरीदी नहीं हो पा रहा..

किसानों मे आक्रोश धान खरीदी का किया बहिष्कार

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