छत्तीसगढ़

ब्राहमण दावेदारों ने लिख दिया किसी एक को टिकट दीजिए, पुनिया बोले- एक नाम पर सहमति बनाएं

बेलतरा सीट से कांग्रेस की जीत का फार्मुला

धर्मेन्द्र कुमार राजपुत :

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस टिकट के सबसे अधिक दावेदारों वाली विधानसभा सीट बेलतरा में कांग्रेस की जीत को लेकर एक नया फार्मूला सामने आया है।

यह फार्मूला टिकट की दावेदारी कर रहे हैं ब्राह्मण दावेदारों की ओर से पेश किया गया है ।जिसमें कहा गया है कि अगर बेलतरा सीट से ब्राह्मण समाज के दावेदारों में से किसी एक को टिकट मिलती है तो सब मिलकर चुनाव जिताएंगे।

खबर मिल रही है कि एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने इस फार्मूले पर गौर किया है और ब्राह्मण दावेदारों को यहां तक सुझाव दे दिया है कि यदि वे एक नाम पर सहमति जताते हुए दावा पेश करें तो उस पर विचार किया जा सकता है।

जैसा कि मालूम है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस टिकट को लेकर सबसे अधिक दावेदार बिलासपुर जिले की बेलतरा सीट में ही सामने आए हैं। कांग्रेस ने जब आवेदन मंगाए तो करीब 6 दर्जन से अधिक लोगों ने इस सीट से अपनी दावेदारी पेश की है।

जिस सीट पर कांग्रेस पिछले कई चुनाव हारती जा रही है ऐसी सीट पर दावेदारों की इतनी बड़ी तादात सामने आने से कांग्रेस भी सकते में है और उम्मीदवार का चयन पार्टी के लिए यकीनन कठिन हो गया है ।

कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती है कि वह किस आधार पर बेलतरा से टिकट का चयन करे । इसे लेकर सियासी हलकों में बड़ी चर्चा भी है और लोग दिलचस्पी के साथ यह देख रहे हैं कि आखिर जाति एसमाज एजनाधारए राजनीतिक पृष्ठभूमि किस आधार पर टिकट का फैसला होगा ।

दावेदारों में ब्राह्मण समाज के लोगों की भी बड़ी संख्या है और टिकट के फैसले को लेकर इस समाज के लोगों में भी काफी जिज्ञासा है। चूंकि उस इलाके में ब्राह्मण समाज के मतदाताओँ की बड़ी संख्या है।

इसे देखते हुए ब्राह्मण समाज के लोगों ने बेलतरा से कांग्रेस को जिताने के लिए एक फार्मूला भी तैयार कर लिया है । खबर है कि इस फार्मूले को लेकर बेलतरा से दावेदारी कर रहे ब्राह्मण समाज के लोगों ने कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया से भी मुलाकात कर ली है ।

उन्हें दावेदारों के दस्तखत शुदा पत्र भी दिया है। जिसमें कहा गया है कि 1952 से सीट पर करीब सभी चुनाव में ब्राह्मण उम्मीदवारों की जीत होती रही है। जिसमें कांग्रेस से रामेश्वर शर्मा तीन बार, राधेश्याम शुक्ला तीन बार, अरुण तिवारी और चंद्र प्रकाश बाजपेई एक बार और भाजपा से बद्रीधर दीवान तीन बार विधायक रहे हैं ।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी को लिखित तौर पर यह भी जानकारी दी गई है कि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से ब्राह्मण वर्ग का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग किए जाने के बावजूद जब उम्मीदवार नहीं बनाया गया तो वहां से भाजपा को जीत हासिल होती रही है। बल्कि इसका असर आसपास के विधानसभा सीटों पर भी पड़ता रहा है ।

पीएल पुनिया को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेई, बसंत शर्मा, विनय शुक्ला, राकेश शुक्ला, अंकित गौरहा, पुष्पेंद्र मिश्रा, कमला मिश्रा, अशोक शुक्ला, अमित तिवारी,

उमाशंकर शर्मा, वीरेंद्र गौरहा, बद्री शर्मा, समीर शास्त्री, अशोक शास्त्री, रुपेश शुक्ला, शोभा वीरेंद्र शर्मा और श्रीमती अंजली शर्मा के नाम बताए गए हैं । जिन्होंने साफ तौर पर कहा है

कि दावेदारों में से किसी एक को कांग्रेस उम्मीदवार बनाती है तो बाकी सभी मिलकर अपना पूरा समर्थन अधिकृत प्रत्याशी को देंगे और उसे जिताएंगे भी। खबर है कि पीएल पुनिया ने टिकट के दावेदारों से एक नाम पर सहमति बनाने कहा है।

अब देखना यह है कि बेलतरा सीट से ब्राह्मण समाज के दावेदार किसी एक नाम पर सहमत हो पाते हैं या नहीं और यदि होते हैं तो किस नाम पर सहमति बनेगी ।

जानकारी मिल रही है कि रायशुमारी के लिए बिलासपुर आ रहे कांग्रेस के जिम्मेदार पदाधिकारियों के सामने भी यह फार्मूला रखा जाएगा और टिकट ब्राह्मण समाज को देने की मांग की जाएगी।

टिकट को लेकर चल रही रस्साकशी के इस दौर में बेलतरा सीट की टिकट के मामले में ब्राह्मण समाज की हलचल सियासी हलकों में भी चर्चा में है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है लंबे समय तक कांग्रेस के कब्जे में रही यह सीट इस सीट पर लगातार हो रही हार कई कारणों से चर्चित रही है।

यह बात लोग बतकही में भी कहते रहे हैं की बेलतरा सीट में कांग्रेस के दावेदारों की संख्या भले ही बहुत अधिक हो। लेकिन ज्यादातर दावेदार खुद भले ही जीतने की ताकत नहीं रखते हो लेकिन सब मिलकर किसी उम्मीदवार को हराने की ताकत जरूर रखते हैं।

इसी की काट के रूप में ब्राह्मण समाज ने टिकट के दावेदारों के बीच से नया फार्मूला निकाला है । जिसमें किसी एक को टिकट मिलने पर एकजुटता के साथ जिताने की बात कहीं जा रही है।

सियासत के जानकार मानते हैं कि यदि सचमुच इस फार्मूले को दावेदारों ने अपना लिया तो चुनाव में कांग्रेस की पकड़ बहुत मजबूत हो सकती है। इस मामले में दिलचस्प बात यह भी है कि लगातार पिछले कई चुनावों से बेलतरा में हार रही कांग्रेस की ओर से ऐसे कई चेहरे इस बार भी दावेदारी कर रहे हैं,

जिन्हे पिछले चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में ब्राह्मण समाज के फार्मूले से बेलतरा में कांग्रेस को कोई फ्रेश और नया चेहरा मिल सकता है जो कांग्रेस के लिए फायदेमंद और असरदार भी हो सकता है।

लेकिन सबसे अधिक दावेदारों वाले विधानसभा सीट पर उम्मीदवार तय करने का यह फार्मूला कांग्रेस के जिम्मेदार लोगों के बीच कितना असरदार होगा यह कहना अभी मुश्किल है ।

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