राष्ट्रीय

चोटी कटवा गैंग से कश्मीर परेशान, कहीं घाटी को फिर से दहलाने की साजिश तो नहीं?

नई दिल्‍ली: कश्मीर में चोटी कटवा गैंग का आतंक बढ़ता जा रहा है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने तो इसे राज्य की कानून व्यवस्था का मामला कहा है और इसे गंभीर चुनौती नहीं माना है. वहीं इसका खामियाजा आतंकी कमांडरों को भी भुगतना पड़ रहा है. खासकर इस चक्कर में भीड़ के हाथों कई पिट चुके हैं. एक खबर के मुताबिक हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू को पुलवामा के ठोकपोरा में लोगों ने चोटी काटने वाले गिरोह का सदस्य समझकर पीट डाला और बड़ी मुश्किल से उसकी जान बची. ये हिज्बुल का मोस्ट वांटेड है जिसके सिर पर दस लाख का ईनाम है. वहीं इसके चलते आम लोगों के गुस्से का शिकार मासूम लोगों को भी होना पड़ रहा है. शुक्रवार को गुस्साई भीड़ ने एक मानसिक रोगी को चोटी काटने वाला समझकर जलाने की भी कोशिश की. किसी तरह पुलिस की कार्रवाई के बाद उसकी जान बचाई गई.

सुरक्षाबल फिलहाल इसे चुनौती नहीं मान रहे हैं लेकिन हो सकता है इसी बहाने घाटी को नए सिरे से दहलाने की साज़िश रची जा रही हो. सोपोर में एक आदमी को जिंदा जलाने की कोशिश की गई तो श्रीनगर के डल झील में एक व्‍यक्ति को पानी में डुबा कर मारने का प्रयास किया गया. ये सब अफवाह के नाम पर किया गया. कश्मीर में चोटी कटने की अफवाह लगातार बढ़ रही है. अलगवावदी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज़ उमर फारूक और यासिन मलिक जैसे नेताओं ने चोटी कटने की घटनाओं को राजनीतिक रूप दे दिया है. लोगों का भरोसा फिर से पाने के लिए घाटी में शनिवार को बंद का ऐलान किया था.

पुलिस ने इस मामले में करीब 115 मामलों में एफआईआर दर्ज की है जबकि गैर सरकारी तौर पर 150 से अधिक घटनाएं चोटी काटने की हो चुकी हैं. पुलिस के लिए परेशानी ये है कि कोई भी पुलिस की मदद को सामने नहीं आ रहा है जबकि पुलिस ने गिरोह के किसी भी सदस्य की गिरफ्तारी पर 6 लाख का इनाम रखा है. पुलिस ने लोगों से संयम बरतते हुए मदद की अपील की है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.