छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विविध पहलुओं पर विचार मंथन

साई बाबा काॅलेज में राष्ट्रीय वेबीनार

रायपुर : श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय के कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय एवं आई.क्यू.एस.सी. सेल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार में विभिन्न विद्वानों द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विचार मंथन किया गया। वेबीनार का प्रारंभ सरस्वती वंदना के पश्चात् महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. राजेश श्रीवास्तव के स्वागत उद्बोधन से हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विस्तार से समझाते हुए कहाकि प्रारंभिक ज्ञान मातृभाषा के साथ सीखने में बच्चों को नैतिक, बौद्विक, सांस्कृतिक शिक्षा को गति मिलेगी।

महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो.पी.के. नागला ने शिक्षा क्यों एवं शिक्षा का स्वरूप कैसा हो विषय पर व्याख्यान देते हुए कहाकि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में कई अहम बदलाव किये गए है जिनका मुख्य उद्देश्य बच्चों का पूर्ण रूप से विकास और उन्हे विश्वस्तर पर सशक्त बनाना है।

दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर की प्रो. संगीता पाण्डेय ने बताया कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषा स्थानीय भाषा के प्रयोग पर जोर इसलिए दिया गया जिसका उद्देश्य बच्चों को उनकी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़े रखते हुए उन्हें शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान के साथ रोजगारपरक शिक्षा आज के समय की आवश्यकता है।

21वीं सदी में कौशल विकास अनुभव पर आधारित शिक्षण और तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा संचालनालय के ओएसडी डाॅ. जी.ए. घनश्याम कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बुनियादी शिक्षा और संख्यात्मक ज्ञान पर एक राष्ट्रीय लक्ष्य प्राप्त करने हेतु योजना तैयार की गई है। उन्होंने 21वीं सदी में कौशल विकास अनुभव पर आधारित शिक्षण और तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। सागर विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. दिवाकर शर्मा ने उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एकल निकाय के रूप में भारत उच्च शिक्षा आयोग के बारे में विस्तार से बताया है।

वेबीनार का संयोजन डाॅ. आर.एन. शर्मा कला विभागाध्यक्ष एवं समाज कार्य विभाग एवं संचालन वन्दना पाण्डेय सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी एवं देवेन्द्र दास सोनवानी सहायक प्राध्यापक हिन्दी ने किया। तकनीक व्यवस्थापन डाॅ. रितेश वर्मा, डाॅ. श्रीराम बघेल, डाॅ. विनोद साहू, शैलेष देवांगन ने किया।

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