क्राइम

ब्रेकिंग : रेलिगेयर कंपनी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह की जमानत याचिका खारिज

रेलिगेयर कंपनी (Religare Company) में रहते हुए शिवेंद्र सिंह ने बैंकों से 2300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया और उस पैसे को ग़लत तरीके से अपनी सहायक कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया और बैंक का कर्ज जानबूझकर नहीं चुकाया।

नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मनी लाउंड्रिंग मामले में जेल में बंद रेलिगेयर कंपनी (Religare Company) के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह (Malvinder Singh) की जमानत याचिका खारिज कर दिया है एडिशनल सेशंस जज संदीप यादव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के बाद जमानत खारिज करने का आदेश दिया।

मलविंदर सिंह ने कोर्ट से कहा

सुनवाई के दौरान मलविंदर सिंह (Malvinder Singh) ने कोर्ट से कहा था कि इस मामले के सह-आरोपी और उनके भाई शिवेंद्र सिंह को हाईकोर्ट ने जमानत दी है। इसलिए इस आधार पर उन्हें भी जमानत दी जानी चाहिए। मलविंदर सिंह ने कहा था कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद वो आठ-नौ महीने से जेल में बंद है।

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से वकील नीतेश राणे ने मलविंदर सिंह (Malvinder Singh) की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मलविंदर सिंह अपने भाई को हाईकोर्ट से मिली जमानत के आधार पर जमानत के हकदार नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर यथास्थिति रखने का आदेश दिया है इसलिए हाईकोर्ट के आदेश को आधार नहीं बनाया जा सकता है। दरअसल पिछले 23 जुलाई को हाईकोर्ट ने मलविंदर सिंह (Malvinder Singh) के भाई शिवेंद्र सिंह को जमानत दे दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ ईडी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया । सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बहाल करने का आदेश दिया था। अभी ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

मिली जानकारी के अनुसार ईडी ने कहा था कि रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के साथ धोखाधड़ी की गई। रेलिगेयर कंपनी में रहते हुए शिवेंद्र सिंह ने बैंकों से 2300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया और उस पैसे को ग़लत तरीके से अपनी सहायक कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया और बैंक का कर्ज जानबूझकर नहीं चुकाया। इस मामले में शिवेंद्र समेत आरोपियों को ईओडब्ल्यू ने 10 अक्टूबर 2019 को गिऱफ्तार किया था। शिवेंद्र के अलावा इस मामले में मलविंदर सिंह, सुनील गोधवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने पिछले 18 जून को अनिल सक्सेना को नियमित जमानत दे दी थी।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button