BREAKING : तीन माह के जुड़वा बच्चों दी एक्सपायरी दवाई, हालत गंभीर

-परिजनों का फूटा गुस्सा, जेएमजे हॉस्पिटल का मामला, हॉस्पिटल प्रबंधन गायब

ऋषिकेश मुखर्जी

रायगढ़।

JMJ मिशनरीज हॉस्पिटल रायगढ़ से एक बड़ी घटना सामने आ रही है जहां पर साढ़े तीन माह के दो मासूम बच्चों को इलाज के दौरान एक्सपायरी दवाई दे दी गई है, जहा बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है एवं हॉस्पिटल प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति है वहां उपलब्ध नहीं है।हॉस्पिटल प्रबंधन की ऐसी लापरवाही, जिससे किसी की भी जान जाने में देरी नही।

मामले के अनुसार विजय चौहान उम्र 36 वर्ष निवासी राजीव गांधी नगर रायगढ़ के रहने वाले हैं जिन्होंने अपने जुड़वा बच्चों को इलाज के लिए पहाड़ मंदिर रोड स्थित JMJ हॉस्पिटल में कल शाम को भर्ती करवाया था बच्चों को सर्दी, खांसी व हल्का बुखार था।

कफ जमने के कारण बच्चे दूध नही पी पा रहे थे जिससे उनको गुलकोज का बोटल चढ़ाया गया, बोतल चढ़ाने के पश्चात बच्चों के हालत और गंभीर रूप से बिगड़ने लगे, जिससे उनके परिजनों को दवाइयों पर शक हुआ, चेक करने के पश्चात उन्होंने पाया कि जो ग्लूकोस का बोतल बच्चों को चढ़ाया गया था वह 3 माह पहले एक्सपायर हो चुका है।

मानवता को शर्मसार कर देने वाली JMJ हॉस्पिटल की यह पहली घटना नहीं अपितु इससे पूर्व में भी कई सारी ऐसी वहां घटनाएं घटित हो चुकी हैं, चाहे वो मृत बच्चे के शव को बंधक बनाने का मामला हो चाहे वह दीन दुखियों के परिजनों से मोटी रकम ऐंठने का मामला हो। लेकिन आज की घटना लोगों के दिल दहला दी है जहां साढ़े तीन माह के दो अबोध बालक को हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा एक्सपायर दवाई वह गुलकोज की बोतल चढ़ा कर उनके जीवन के साथ खेल खेले हैं।

स्पष्ट रूप से हॉस्पिटल प्रबंधन की बहुत बड़ी गलती सामने आई है इतनी शिकायतें होने के बावजूद इन पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं होती? ये आज तक समझ से परे है।

परिजनों के द्वारा सबसे पहले हमारी मीडिया टीम clipper28 को इसकी जानकारी दी गई clipper28 टीम के पहुंचने के बाद पूरा हॉस्पिटल प्रबंधन मुंह छुपाते घूम रहे हैं। हमारी सवालों का जवाब कोई देना ही नहीं चाहता चाहे वह केमिस्ट हो, जो एक्सपायर ग्लूकोज की बोतल बच्चों के परिजनों को दिया था चाहे वह डॉक्टर हो जो बच्चे का इलाज कर रही थी।

यहां तक बच्चे का रिपोर्ट कार्ड तक नहीं दिखाया जा हैं, जिसमें बच्चों को क्या बीमारी थी हमको क्या क्या दवाई दी जा रही है का विवरण है।हमारे द्वारा सीएचएमओ को इस बात से अवगत कराया गया एवं उनके द्वारा ड्रग अधिकारी को भेजने की बात कही गई। अब तो सिर्फ भगवान से दुआ करते हैं कि उन दो अबोध बालक को जल्दी से स्वास्थ्य कर दे एवम सरकार से विनती करते हैं कि हॉस्पिटल प्रबंधन के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

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