बृजमोहन को ‘आप’ की चुनौती, दस मिनट में समझें किसानों की सच्चाई

सोशल मीडिया पर 'आप' प्रवक्ता की चुनौती पर मंत्री खामोश

छत्तीसगढ़ के किसानों को देश में सबसे सुखी बताने वाले कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को आम आदमी पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई के मुख्य प्रवक्ता उचित शर्मा ने राज्य के किसानों की सच्चाई सामने लाने के लिए सिर्फ दस मिनट की बहस की चुनौती दी है।

उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल ही नहीं, प्रधानमंत्री नरंेद्र मोदी तक किसानो ंकी हालत के बारेमें देश को गलत जानकारी दे रहेह ैं। किसानों की आय दोगुनी होने का दावा करने वाले राजनेताओं को किसानों की कड़वी असलियत स्वीकारने केलिए साहस दिखाना होगा।

शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए बृजमोहन अग्रवाल को चुनौती दी है कि वह किसी भी सार्वजनिक मंच पर दस मिनट बहस करें तो उन्हें आम किसान की वास्तविक हालत समझ में आ जाएगी। उनकी चुनौती को कृषि मंत्री ने अब तक स्वीकार नहीं किया है।

गौरतलब हैकि राज् में किसानों की आतमहत्या, धान का समर्थन मूल्य, बोनस, सूखा प्रभावित इलाकों में वसूली के लिए नोटिस जैसे मुद्दों को लेकर लगातार राज्य सरकार पर आरोप लगते रहे हैं। इसके बावजूद किसानों को खुशहाल बताने पर कृषि मंत्री को विपक्ष के साथ ही किसान नेताओं ने भी चुनौती दी हे। आप प्रवक्ता उचित शर्मा ने भी कृषि मंत्री को कठघरे में खड़ा किया है।

उन्होने कहा कि राज्य में किसानों की हालत दयनीय है। कृषि विभाग को घोटालों से फुर्सत नहीं है। एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर किसानोंको खाद, बीज तक के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों की आत्महत्या सरीखी अति दुखद घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

हाल में मरवाही के एक किसान ने आत्महत्या कर ली। उचित शर्मा ने कृषि मंत्री से पूछा कि क्या वह किसान बेहद सुखी था? इन घटनाओं से कृषि विभाग और कृषि मंत्री के झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। विभाग ने दावा किया कि किसान को बीमा राशि का भुगतान किया जा चुका था, जबकि खुदकुशी के दूसरे दिन बीमा राशि मृत किसान के परिजनों को मिल सकी थी।

शर्मा ने कहा कि किसानोंको दयनीय हालत में देखते हुए भी कृषि मंत्री का यह दावा उनका मजाक उड़ाने जैसी बात है कि छत्तीसगढ़ का किसान देश में सबसे सुखी इन्सान है।

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