बृजमोहन अग्रवाल का सीएम बघेल के बयान पर जवाबी हमला कहा, आचरण और भाषा से प्रदेश को कर रहे बदनाम

रायपुर: प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह निंदनीय है। मुख्यमंत्री बघेल के आचरण और भाषा से प्रदेश की बदनामी हो रही है। चुनावी बातें अपनी जगह है लेकिन, आजतक किसी मुख्यमंत्री ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है।

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निंदा करती है। यह चुनाव भारत की एकता और अखंडता के, देश के विकास का है। हमें यह तय करना होगा कि हमें एक मज़बूत और समृद्ध भारत चाहिए या कमज़ोर देश जैसा यूपीए छोड़ गई थी। यह बाते पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कही हैं।

विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने प्रेसवार्ता में जिन बातों का जिक्र किया है, उस पर उन्हें और ज्यादा स्पष्टीकरण देने की ज़रुरत है। सवाल है कि-

क्या कांग्रेस ने सभी किसानों के कर्ज माफ़ करने की बात नहीं कही थी?

क्या फिर बात से पलटते हुए भूपेश ने यह नहीं कहा कि वे केवल अल्पकालीन ऋण माफ़ करेंगे?

क्या अभी भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज बचे नहीं हैं किसानों के पास?

क्या यह सही नहीं है कि काफी अविवेकपूर्ण तरीके से लगातार तबादला के नाम पर अराजकता का माहौल पैदा किया गया है?

क्या गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने साफ़-साफ़ यह नहीं कहा था कि प्रदेश में होते तबादलों में उनकी कोई सहमति नहीं ली जाती?

क्या कोयला माफिया के कारण एक इन्स्पेक्टर की तबादला नहीं की गई थी जिसके बाद वह इस्तीफा देने पर मजबूर हुआ था?

क्या भूपेश सरकार के शपथ ग्रहण के बाद प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की हालत बदतर नहीं हो गई है? क्या लगातार ह्त्या, बलात्कार, लूट, चोरी, गुंडागर्दी आदि की घटनाएं नहीं हुई है?

क्या शराब की कीमत ज्यादा देने से मना करने पर सर नहीं फोड़ दिया गया है?

क्या रेत, सीमेंट, कोयला, शराब आदि के दामों पर टैक्स यानी डाइरेक्ट भूपेश टैक्स नहीं वसूला जाता है?

मोदी जी ने विश्व प्रसिद्ध आयुष्मान योजना की शुरुआत छग के ही बीजापुर के जांगला से की थी उस योजना के बारे में लगातार कांग्रेस इसके बारे में नहीं कह रही थी कि वह आयुष्मान योजना लागू नहीं करेगी?

क्या प्रदेश दीवालियापण की कगार पर खड़ा नहीं है? क्या कर्मचारियों के वेतन तक नहीं रुके हुए हैं?

क्या चीन के मामले में यह सही नहीं है कि नेहरू जी के कारण बुरी हार हुई थी जबकि अभी डोकलाम में पीछे हटना पड़ा है चीन को?

पाकिस्तान पर इतनी तकलीफ क्यूँ हो रही है? आखिर बालाकोट एयर स्ट्राइक और सैट परीक्षण आदि देश हित में नहीं थे? क्या इसकी आलोचना करना या सबूत मांगना सही है?

यह चुनाव केंद्र की सरकार चुनने के लिए हो रहा है। हमें यह तय करना है कि हमें नरेंद्र मोदी चाहिए या राहुल गांधी। भूपेश को जिस काम के लिए जनादेश मिले वह उसी काम को करें।

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