छत्तीसगढ़

नौसिखिया नेताओं जैसे झूठे और भ्रामक आंकड़े बता रहे बृजमोहन अग्रवाल-कांग्रेस प्रवक्ता विकास

पूर्वकृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में 13 सौ करोड़ का धान सड़ चुका है यह आंकड़ा पूर्णतः फर्जी और भ्रामक है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा किए गए प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल नौसिखिया नेताओ जैसे बयानबाजी कर रहे हैं। उनके द्वारा दिया गया बयान पूर्णतः भ्रामक और कुंठा से ग्रसित है, पंद्रह सालां तक सत्ता में रहने के बाद विपक्ष की भूमिका अदा नहीं कर पा रहे हैं।

पूर्वकृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में 13 सौ करोड़ का धान सड़ चुका है यह आंकड़ा पूर्णतः फर्जी और भ्रामक है। प्रदेश भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के स्थान पर कब्जा करने हेतु पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल प्रदेश की जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आंकड़ों सहित हकीकत यह है कि- खरीफ़ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल 83.94 लाख मिट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। उक्त उपार्जित धान में से अब तक 80.37 लाख मिट्रिक टन धान का निराकरण कस्टम मिलिंग के माध्यम से किया जा चुका है। वर्तमान स्थिति में लगभग 3.57 लाख मिट्रिक टन धान का निराकरण हेतु शेष है। राज्य की उसना मिलिंग क्षमता सीमित होने, कोविड-19 की वैश्विक महामारी और राज्य में असामयिक वर्षा के कारण कस्टम मिलिंग का कार्य प्रभावित हुआ था। खरीफ़ विपणन वर्ष 19-20 में एफसीआई में 28.10 लाख मिट्रिक टन में से 26.10 लाख मिट्रिक टन चावल जमा किया जा चुका है, जो विगत वर्षों में जमा सीएमआर की तुलना में सर्वाधिक है ।

भारतीय खाद्य निगम में शेष सीएमआर जमा हेतु दिनांक 18.01.2021 को भारत सरकार द्वारा 31 जनवरी 2021 तक की समयावृद्धि प्रदान की गई है। उक्त शेष धान के निराकरण हेतु कस्टम मिलिंग का कार्य प्रगतिरत है। 18.1.2021 को समय वृद्धि के पश्चात 74000 मिट्रिक टन का डीओ जारी किया गया है, धान उठाव प्रगतिरत है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में किसी भी स्थान में धान के सड़ जाने की जानकारी नहीं है तो किस आधार पर पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तेरह सौ करोड़ के आंकड़े जारी किये हैं, उन्हें प्रदेश की जनता को बताना चाहिये साथ ही झूठे और नौसिखिया नेताओं जैसा आंकड़े बताने के लिये माफी मांगनी चाहिये।

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