छत्तीसगढ़

बृजमोहन फार्म हाउस विवाद : लोगों ने की जमकर तोडफ़ोड़

रायपुर. महासमुंद के जलकी गांव स्थित कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के फार्म हाउस में दस साल से कैद छपोराडीह डैम को रविवार की सुबह आदिवासी ग्रामीणों ने तारबाड़ उखाड़ कर मुक्त कराया लिया। करीब 300 एकड़ के इस फार्म फार्म हाउस में लगे मंत्री जी ने बड़े पैमाने पर बगान लगाए हैं, जिसे सिंचित करने के लिए उन्होंने डैम को ही दस साल पहले अपने फार्म हाउस में लिया था, लेकिन इनकी रसूखदारी के चलते कभी ग्रामीण कोई विरोध नहीं कर पाए।

मीडिया में लगातार खबर आने के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर शासकीय जमीन और डैम को मुक्त कराने के लिए कार्रवाई नहीं हुई तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। और ग्रामीण एकजूट होकर इस डैम के पानी को अपने खेतों की ओर मोड़ा। ऐसा होता देख अन्य गांव के ग्रामीण भी पहुंच गए। वे वहीं बैठक धरना प्रदर्शन करने लगे। बढ़ते बवाल की सूचना पाकर फार्म हाउस के सभी कर्मचारी भाग खड़े हुए। कुछ फार्म हाउस के तारबाड़ को न तोडऩे की बात कही तो आक्रोशित लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया। ग्रामीणों का कहना था कि यहां इनके फार्म हाउस में रायपुर के एरिगेशन विभाग के इंजीनियर और वन विभाग के अधिकारी आकर डैम के पानी को फार्म हाउस की ओर मोड़ा दिया। जिससे उनके खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा था। लेकिन अब अगर सरकारी जमीनों को खाली नहीं कराया गया तो जल्द ही हम लोग उग्र आंदोलन करेंगे। इस पर भी बात नहीं तो इनके फार्म हाउस में ही आत्मदाह कर लेंगे।

कई पार्टी के नेता भी पहुंचे : सूचना मिलते ही कई पार्टी के नेता भी पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ व लघु वनोपज के अध्यक्ष विनोद चंंद्राकर ने कहा कि अगर 72 घंटे के अंदर फार्म हाउस से शासकीय जमीन नहीं मुक्त कराई गई तो बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। वहीं छजका के रमेश साहू ने भी कहा कि यह मुद्दा एक पार्टी का नहीं है बल्कि हक और भष्ट्राचार की लड़ाई है। हम सभी एक होकर आंदोलन करेंगे।

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