ब्रिटिश सांसदों ने बिना समझौते वाले ब्रेक्जिट पर लगाया प्रतिबंध

लंदन : ब्रिटिश सांसदों ने सोमवार को एक नया कानून बनाकर बिना किसी समझौते वाले ब्रेक्जिट पर प्रतिबंध लगा दिया है। सांसदों के इस कदम के बाद अब प्रधानमंत्री टेरीजा मे ब्रेक्जिट के लिए यूरोपीय संघ से और समय मांगने पर विवश हो गई हैं।

हफ्तेभर के अंदर इस कानून से संबंधित विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित कर दिया गया। हालांकि सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि इस कारण यूरोपीय संघ से बातचीत के उसके रास्ते सीमित हो जाएंगे। संसद में सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाली एंड्रिया लीडसम ने सांसदों से कहा कि यह बंदरबांट है। उन्होंने विधेयक को गैर-परंपरागत बताते हुए उसका विरोध किया।

यह कानून सांसदों की पहल पर पास हुआ। आमतौर पर सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक पर संसद में बहस होती है और उसके बाद उसे पास किया जाता है। नया कानून बनने के बाद अब सरकार को एक प्रस्ताव रखकर संसद को बताना होगा कि वह ब्रेक्जिट के लिए यूरोपीय संघ से और वक्त मांगेगी।

सांसदों को इस प्रस्ताव पर मतदान करने की अनुमति होगी और सांसद ब्रेक्जिट में देरी की समयसीमा को लेकर सुझाव दे सकेंगे। ब्रेक्जिट की पहली तारीख 29 मार्च थी, जिसे एक बार टाला जा चुका है। दोबारा यूरोपीय संघ को ब्रेक्जिट की तारीख बढ़ाने के लिए मनाना टेरीजा मे के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

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