बीएसएफ ने पतंजलि को दिया झटका,खत्म किया करार

बाबा रामदेव की पतंजलि को बीएसएफ ने करारा झटका दिया है। पिछले दो सालों से सेना के जवानों को योगा की ट्रेनिंग करा रही पतंजलि से बीएसएफ ने अब करार खत्म कर लिया है।

बीएसएफ ने अब जवानों की ट्रेनिंग के लिए सद्गुरु जग्गी वासुदेव की ईशा फाउंडेशन के साथ करार कर लिया है। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जग्गी वासुदेव ने सियाचीन के बेस कैंप में जवानों को खुद ट्रेनिंग दी थी।

हालांकि, इस मामले में बीएसएफ का कहना है कि सेना के जवानों की ट्रेनिंग के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं है कि सिर्फ एक ही व्यक्ति या कोई एक ही संस्था जवानों को ट्रेनिंग दे।

गौरतलब है कि दो साल पहले 2016 में बाबा रामदेव ने बीएसएफ के जवानों को योग की ट्रेनिंग देनी शुरू की थी। तब ये ट्रेनिंग बाबा रामदेव के हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में हुई थी। सरकार ने भी उनके द्वारा ट्रेंड किए गए बीएसएफ के जवानों को काफी सराहा था और 2016 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव द्वारा प्रशिक्षित बीएसएफ जवानों के बैच को सबसे अच्छा समूह बताया था।

इस तरह बीएसएफ में बाबा रामदेव की पकड़ मजबूत होती चली गई और इसका फायदा उठाते हुए बाबा रामदेव ने 2017 में दिल्ली स्थित बीएसएफ हेडक्वार्टर में पतंजलि स्टोर खोल दिया। लेकिन, बीएसएफ पर बाबा रामदेव की ये पकड़ ज्यादा दिनों तक नहीं चली और 2017 में बीएसएफ को बेस्ट ट्रेनिंग देने का क्रेडिट सद्गुरु जग्गी वासुदेव के पास चला गया। जग्गी वासुदेव की संस्था ईशा फाउंडेशन अब बीएसएफ के जवानों को योग की ट्रेनिंग देती है। और सिर्फ बीएसएफ ही नहीं, ईशा फाउंडेशन सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, कोस्ट गार्ड और सेना के जवानों को भी ट्रेनिंग दे रही है।

बीएसएफ के डीजी केके शर्मा का कहना है कि 2016 में बाबा रामदेव ने करीब 4 हजार जवानों को प्रशिक्षित किया था। उन्होंने पहली बैच के जवानों को योग की ट्रेनिंग दी थी। उनके साथ बीएसएफ का काफी अच्छा समय बीता, लेकिन अब बीएसएफ के साथ उनका कोई संबंध नहीं है। पतंजलि से अब बीएसएफ का कोई करार नहीं है।

उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों को अब जग्गी वासुदेव योग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। वो जवानों को प्राणायाम और ध्यान का कैप्सूल कोर्स करा रहे हैं। उनकी ट्रेनिंग से जवानों को काफी फायदा मिल रहा है।

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