पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 22 सीटों में से 11 पर बसपा प्रत्याशी लडेंगे चुनाव

सपा-बसपा ने 23 साल पुरानी दुश्मनी को भुलाकर गठबंधन किया

लखनऊ: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में बहुजन समाज पार्टी के सुप्रीमो मायावती की सहमति के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 22 सीटों में से 11 पर बसपा प्रत्याशी चुनाव लडेंगे, जिसमें नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ-हापुड, आगरा,

फतेहपुर सीकरी, सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, नगीना सीटों पर बसपा प्रत्याशी चुनाव लडेंगे, जबकि पश्चिम यूपी की आठ सीटों पर सपा चुनाव लडेगी, जिसमें हाथरस, कैराना, मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, मैनपुरी, फिरोजाबाद व एटा शामिल है।

सपा-बसपा गठबंधन में चौ. अजित सिंह की पार्टी आरएलडी भी शामिल

इसके अलावा सपा-बसपा गठबंधन में चौ. अजित सिंह की पार्टी आरएलडी भी शामिल हो गई है। रालोद को बागपत, मुजफ्फरनगर व मथुरा सीट देने पर सहमति बनी है। उल्लेखनीय है कि सपा-बसपा ने 23 साल पुरानी दुश्मनी को भुलाकर गठबंधन किया है।

बीते शनिवार को अखिलेश यादव और मायावती ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान किया था, जिसमें मायावती ने घोषणा की थी कि प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 पर सपा-बसपा चुनाव लडेंगी, जबकि रायबरेली और अमेठी पर कांग्रेस के खिलाफ गठबंधन प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरेगा,

बाकि बची दो सीटे सहयोगी दल के लिये रखी गयी थी, लेकिन किसी नाम का खुलासा नहीं किया। सपा-बसपा गठबंधन में तीसरे सहयोगी के रूप में राष्ट्रीय लोकदल की एन्ट्री हुई है। सपा-बसपा गठबंधन ने पहले रालोद को दो सीट देने की बात कही थी,

जिस पर अजित सिंह राजी नहीं थे और वे चार सीटों की लगातार मांग कर रहे थे। बीते दिवस आरएलडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के बीच लखनऊ में इस संबंध में बैठक हुई, जिसमें सीट शेयरिंग का फार्मूला तय किया गया।

आरएलडी को बागपत, मथुरा व मुजफ्फरनगर सीट देना तय हुआ, जिसमें आरएलडी को तीसरी सीट सपा अपने कोटे से देगी। हालांकि अभी तक तीन सीटों पर ही सहमति बनी है, लेकिन रालोद को चार सीट दी जा सकती है। मुजफ्फरनगर, बागपत व मथुरा के अलावा हाथरस सीट भी रालोद को देने पर सपा द्वारा विचार किया जा रहा है।

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