आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी बसपा सुप्रीमो मायावती

एक दूसरे के प्रत्याशी की कमान संभालेंगे सपा-बसपा

नई दिल्‍ली: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने ऐलान किया है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्‍होंने कहा कि वह कभी भी संसद में चुनकर जा सकती हैं. कहा जा रहा है कि सपा और बसपा गठबंधन के बाद चुनावी अभियान के मद्देनजर सभी सीटों पर ध्‍यान देने के मकसद से बसपा सुप्रीमो ने ये फैसला लिया है.

उन्‍होंने कहा कि कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं. चार बार यूपी की मुख्‍यमंत्री रहीं बसपा नेता मायावती इससे पहले राज्‍यसभा सदस्‍य थीं लेकिन सहारनपुर हिंसा के बाद उन्‍होंने उच्‍च सदन से इस्‍तीफा दे दिया था.

इस बीच समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनावों में गठबंधन के बाद मतदाताओं को यह संदेश देने के लिये जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है कि दोनों दल अब एक हैं और कार्यकर्ता दोनों दलों के प्रत्याशियों को जिताने के लिये कमर कस लें. सपा और बसपा गठबंधन ने अपने परंपरागत वोटों को एकजुट रखने के लिये तैयारियों पर अमल शुरू कर दिया है जिसके तहत जल्द ही पार्टी नेताओं को प्रत्येक लोकसभा सीट की अलग अलग जिम्मेदारी सौंप दी जायेगी.

सपा के प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने बताया ‘प्रदेश में लोकसभा चुनावों में बूथ स्तर पर प्रबंधन की तैयारी आरंभ हो गयी है. दोनों दल समन्वय करेंगे ताकि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाये कि दोनों दल एक हैं. जिस लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा है वहां विधानसभा स्तर पर चुनाव प्रबंधन का जिम्मा स्थानीय बसपा नेताओं के हाथ में होगा और जहां बसपा प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा है वहां की पूरी जिम्मेदारी सपा नेताओं पर होगी ताकि सपा और बसपा दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि दोनों दल एक हैं.

होली के बाद सपा-बसपा-रालोद की संयुक्त चुनाव रैलियां होगी

इस बीच उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और रालोद महागठबंधन की संयुक्त चुनाव रैलियां चरणबद्ध तरीके से होली के बाद शुरू हो जाएंगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इन संयुक्त रैलियों की शुरूआत नवरात्र के पवित्र दिनों में होगी. पहली संयुक्त रैली सात अप्रैल को देवबंद में होगी जिसको बसपा प्रमुख मायावती, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह संबोधित करेंगे. इस तरह की रैलियां पूरे राज्य में होंगी जिसमें गठबंधन के नेता संयुक्त रूप से मंच साझा करेंगे.

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