वाणिज्यिक एवं उद्योग विभाग से संबंधित 341.38 करोड़ रूपए का बजट ध्वनिमत से पारित

रायपुर: वाणिज्यिक एवं उद्योग विभाग के लिए आज विधानसभा में प्रस्तुत 341 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित कर दी गई। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि किसी भी देश के विकास में उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लखमा ने बताया कि वर्तमान औद्योगिक नीति 31 अक्टूबर 2019 को समाप्त हो रही है।

राज्य में 01 नवंबर 2019 से नवीन औद्योगिक नीति को प्रभावी कर दिया जायेगा। नई औद्योगिक नीति के लिए औद्योगिक एवं व्यावसायिक संघों और विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए उच्चस्तरीय समिति बनाकर अध्ययन दल विभिन्न राज्यों जैसे- तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, राजस्थान और मध्यप्रदेश की उद्योग नीतियों का अध्ययन कर नई नीति तैयार की जाएगी।

सदन में लखमा ने बताया कि राज्य में 200 फूड पार्क स्थापित किया जाना है, जिसके लिए वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य छोटे तथा मझोले उद्योगों को बढ़ावा देना हैं। इस दिशा मेें कोण्डागांव मंे सहकारी क्षेत्र में 105 करोड़ रूपये की लागत से मक्का प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए कदम बढ़ा दिए है। साथ ही युवा वर्ग को उद्यमिता की ओर आकर्षित करने के लिए दुर्ग, सरगुजा एवं जगदलपुर में 03 उद्यमिता विकास संस्थानों की स्थापना के लिए बजट में तीन करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।

मंत्री लखमा ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता कृषि के साथ-साथ लघु उद्योग को बढावा देना भी है। इसके लिए बजट में 113 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में कोर सेक्टर के बाद सबसे बडा फोकस कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग है। कोल्ड चैन, कोल्ड स्टोरेज, रिफर वाहन, प्राथमिक संग्र्रहण केन्द्र, डेयरी फॉर्म और मिल्क प्रोडक्ट आदि के लिए 14 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

एग्रो फूड से संबंधित अधोसंरचना विकसित करने के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधान है। राज्य में कृषि एवं खाद्य पर आधारित अनेक उद्योग स्थापित किया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में सुकमा जिले के ग्राम सुकमा और बस्तर जिले के धुरागांव सहित पांच फूड पार्क स्थापित किये जाएगें। स्टार्टअप इकाईयों के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

लखमा ने सदन में बताया कि सरकार प्रदेश में शराब बंदी के लिए प्रतिबद्व है। राज्य सरकार इसके लिए विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है। जन घोषणा पत्र के अनुरूप प्रदेश में शराब बंदी किया जाएगा। उन्हांेने यह भी बताया कि सरकार ने 01 मार्च 2019 से 50 मदिरा दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है।

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