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Budget : एक फरवरी को पेश होगा देश का आम बजट, यहां जानें इससे जुड़े रोचक तथ्य

आपको बता दें कि अपने पहले कार्यकाल में ही मोदी सरकार ने आम बजट एक महीने पहले पेश करने का फैसला किया था।

नई दिल्ली: 29 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। यह सत्र दो हिस्सों में 8 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। जबकि आम बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। इससे एक दिन पहले यानी 31 जनवरी को इकनॉमिक सर्वे जारी किया जाएगा। यह तीसरा मौका होगा जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी।

बजट के 74 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब इसकी छपाई नहीं होगी। इस साल कोरोना वायरस संकट के कारण बजट की छपाई नहीं हो रही है। इस बार सांसदों को बजट दस्तावेज डिजिटल स्वरूप में दिए जाएंगे।

आपको बता दें कि अपने पहले कार्यकाल में ही मोदी सरकार ने आम बजट एक महीने पहले पेश करने का फैसला किया था। साल 2017-18 का बजट 1 फरवरी को पेश किया गया। इसके बाद से देश का आम बजट 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा चली आ रही है। फरवरी की शुरुआत में ही बजट पेश करने के पीछे की वजह ये है कि 31 मार्च तक खर्च से संबंधित सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

इतना ही साल 2017 में पहली बार रेल बजट का आम बजट का हिस्सा बनाया गया। साल 2017 तक रेल बजट को पूर्ण बजट में शामिल नहीं किया जाता था। 92 साल तक रेल बजट अलग से पेश किया जाता था, जो बाद में पूर्ण बजट के साथ ही पेश होने लगा।

आपको बता दें कि 1947 को आरके शनमुखम शेट्टी ने आजाद भारत का पहला बजट पेश किया था। हालांकि यह पूर्ण बजट नहीं था। लेकिन उसे अर्थव्यवस्था की समीक्षा जरूर कहा जा सकता था। भारत के पहले बजट में कर से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव पेश नहीं किया गया था। इसके 95 दिन बाद 1948-49 का बजट सदन में पेश किया गया था।

वित्तमंत्री रहते हुए सबसे अधिक बजट पेश करने के मामले में पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई का नाम आता है। उन्होंने 10 बार बजट पेश किया था। इन बजट में आठ पूर्ण बजट और दो अंतरिम बजट शामिल हैं। यही नहीं दो बार ऐसे मौके आए जब उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन बजट पेश किया। लीप इयर को छोड़ दें तो फरवरी 28 दिन का होता है, लेकिन मोरारजी का जन्म 29 फरवरी को होता है। उन्होंने दो बार बजट 29 फरवरी को पेश किया। इसके अलावा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के नाम 9 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज है।

मोरारजी देसाई के बाद पी चिदंबरम ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने 8 बार बजट पेश किया है। प्रणब मुखर्जी, यशवंत सिन्हा, वाईबी चौहान और सीडी देशमुख ने 7 बार बजट पेश किया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली ने लगातार पांच बार बजट पेश किया किया। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरी महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने देश का बजट पेश किया है। इससे पहले इंदिरा गांधी ने साल 1970-71 में बजट पेश किया था।

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