भविष्य में खास तरह की बनेगी इमारत, कागज की तरह होगी फोल्ड

इमारत को मोड़ कर हेलीकॉप्टर कि मदद से आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचाया जा सकेगा

नई दिल्ली: आप ने साइंस फिक्शन इमारतो को कागज कि तरह फोल्ड होते देखा होगा. पर आपको लगा होगा कि ऐसा सच में नहीं हो सकता पर अब दुनियाभर के आर्किटेक्चरो ने इसे हकिगत में बनाने कि ठान ली हैं. दुनियाभर में प्रसिद्ध आर्किटेक्चर मैग्जीन “इवोलो” कि सालाना प्रतियोगिता में आर्किटेक्चरों ने तकनीको के अनूठे इस्तेमाल से भविष्य कि इमारतो का पहला डिज़ाइन पेश किया. इसमें कई ऐसी इमारतो कि डिज़ाइन थे जिसने लोगो को हैरत में डाल दिया. इन्ही में से पोलैंड के आर्किटेक्टों द्वारा बनाई गई स्काईशेल्टर.जिप इमारत को पहला स्थान मिला.

पहला स्थान स्काईशेल्टर.जिप ईमारत को मिला हैं इसमें ऑरिगैमी (कागज को मोड़ कर विभिन्न आकृतियां बनाने की कला) से प्रेरित है। इस इमारत को मोड़ कर हेलीकॉप्टर कि मदद से आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचाया जा सकेगा. इमारत का निचला हिस्सा जमीन से कसकर बांधा जा सकेगा. इमारत के अंदर लगे गुब्बारे में हीलियम गैस भरी जाएगी, जिससे इमारत फूलकर अपने असली आकार में आ जाएगी. यही गुब्बारा और अंदर मौजूद मेटल फ्रेम इमारत को अस्थिर जमीन पर भी सीधा रखेगी.

 स्काईशेल्टर.जिप
स्काईशेल्टर.जिप

वही दूसरा स्थान शिंतो श्राइन स्काईस्क्रैपर टोक्यो को दिया गया हैं इस इमारत में धान की खेती, आध्यात्मिक ध्यान-योग और सामुदायिक विकास के लिए जगह दी गई है.

शिंतो श्राइन स्काईस्क्रैपर
शिंतो श्राइन स्काईस्क्रैपर

तीसरा स्थान फायर प्रिवेंशन स्काईस्क्रैपर क्लॉडियो एरियास ने इसे चिली के जंगलों में आग लगने से क्षतिग्रस्त हुए घरों के विकल्प के तौर पर डिजायन किया है. इसमें हवा धीमी करने की प्रणाली दी गई है.

फायर प्रिवेंशन स्काईस्क्रैपर
फायर प्रिवेंशन स्काईस्क्रैपर
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