लोन पर करोड़ाें लेकर फॉर्म्युला रेसिंग करा रहे थे विजय माल्या!

मुंबई: भारत के भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने बैंकों से लोन लिए पैसे को अपने शौकों में उड़ा दिया। ईडी अधिकारियों के मुताबिक शराब कारोबारी माल्या ने फॉर्म्यूला वन (F1) में बैंकों से लिए लोन का पैसा लगा दिया।

जानकारी के मुताबिक, माल्या ने आईडीबीआई बैंक से लिए लोन का हिस्सा (53.69 करोड़ रुपये) देश से बाहर दो किस्तों में फॉर्म्यूला वन टीम को फंड करने के लिए भेज दिए।

लंदन में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद माल्या को कुछ ही समय में जमानत मिल गई थी। इससे पहले अप्रैल 2017 में भी माल्या को गिरफ्तार किया गया था और उसे तुरंत बेल भी मिल गई थी।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि आईडीबीआई से माल्या ने 950 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसका एक हिस्सा अक्टूबर 2009 में लंदन में ट्रांसफर कर दिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक लंदन ट्रांसफर किए गए पैसे को माल्या ने अपनी फोर्स इंडिया फॉर्म्यूला वन टीम में लगा दिया था।

अधिकारियों ने बताया कि पैसे को बैंक ऑफ बड़ौदा के किंगफिशर एयरलाइंस के अकाउंट से फोर्स इंडिया में ट्रांसफर कर दिया गया।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि किंगफिशर एयरलाइंस जो खुद बुरी हालत में थी वह कैसे माल्या की टीम को फंड ट्रांसफर करती रही।

2008 से फॉर्म्यूला वन रेसिंग में उतरने वाली फोर्स इंडिया पर मालिकाना हक संयुक्त रूप से विजय माल्या और जेल में बंद सहारा इंडिया परिवार के बॉस सुब्रत रॉय का है।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि एक समय पर सुब्रत रॉय ने माल्या की टीम में आधी हिस्सेदारी खरीद ली थी।

एजेंसी ने बताया कि माल्या ने पैसे दो किस्तों (42 करोड़ और 12 करोड़) में देश से बाहर भेजे। अगर ईडी यह साबित करने में सफल हो जाता है कि माल्या ने लोन लिया पैसा अपनी एयरलाइंस (किंगफिशर) को दिवालिया होने से बचाने की बजाए आपराधिक रूप से अन्य जगह लगाया है तो भारत का केस मजबूत हो जाएगा।

दिसंबर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में माल्या के प्रत्यर्पण की सुनवाई होनी है।

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