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हर डेढ़ साल में पैसा डबल कर देता है यह शख्स

नई दिल्ली: वह भारत की सिलिकॉन वैली में रहते हैं, लेकिन उनके सपनों की दुनिया दलाल स्ट्रीट है। 47 साल के डॉनल्ड फ्रांसिस बेंगलुरु के जानेमाने वैल्यू इन्वेस्टर हैं।

फ्रांसिस ने अवंति फीड्स, पीआई इंडस्ट्रीज और शिल्पा मेडिकेयर जैसे स्टॉक्स से कई गुना पैसा बनाया है। वह खुद को कंजर्वेटिव इन्वेस्टर मानते हैं।

उनके पोर्टफोलियो में 12 या 13 स्टॉक्स रहते हैं। फिलिप ए फिशर को अपना गुरु मानने वाले फ्रांसिस उनकी फिलॉसफी के हिसाब से ही शेयरों में निवेश करते हैं।

फ्रांसिस के पोर्टफोलियो ने पिछले सात साल में 47 पर्सेंट सीएजीआर का रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि हर डेढ़ साल में उनका पैसा डबल हो गया।

को-फाउंडर्स में से एक फ्रांसिस ने बताया, ‘मैं यूनीक इमर्जिंग बिजनस की पहचान करने में दिलचस्पी रखता हूं जो दूसरों से अलग हो।

‘ प्रॉन, फिश फीड्स, श्रिंप प्रोसेसर और एक्सपोर्टर अवंति फीड्स ने पिछले चार साल में 4,954 पर्सेंट का रिटर्न दिया है।

एग्रोकेमिकल कंपनी पीआई इंडस्ट्रीज का शेयर प्राइस पिछले 6 साल में 709 पर्सेंट चढ़ा है जबकि शिल्पा मेडिकेयर का शेयर 75 रुपये से 572 रुपये के करीब पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि वह गुमनाम कंपनियों के बारे में रिसर्च करते हैं। वह ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जिसकी ग्रोथ लंबे समय तक अच्छी बनी रहे।

फ्रांसिस शेयर खरीदने से पहले कंपनी के डीलरों-डिस्ट्रीब्यूटरों, ग्राहकों, इंडस्ट्री असोसिएशंस, डोमेन प्रफेशनल्स और प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से मिलते हैं। इससे उन्हें संबंधित कंपनी के बिजनस की ताकत को समझने में मदद मिलती है।

महत्वपूर्ण बातें

किसी कंपनी में निवेश करने से पहले फ्रांसिस चार सवाल करते हैं। पहला, क्या कंपनी के मैनेजमेंट में अलग तरह से काम करने की काबिलियत है?

दूसरा, इस कंपनी में ऐसा क्या है जो इसे दूसरों से अलग बनाता है? तीसरा, क्या मैनेजमेंट को हटाना संभव है?

चौथा, क्या बिजनस संबंधी चुनौतियों को कंपनी का मैनेजमेंट हैंडल कर सकता है? क्या इस मामले में उस पर भरोसा किया जा सकता है?

शेयर को कब बेचना चाहिए?

फ्रांसिस मानते हैं कि शेयर बेचने का फैसला हमेशा मुश्किल होता है। वह कई बार या तो शेयर समय से पहले बेच चुके हैं या कई बार बाद में।

फ्रांसिस का कहना है कि यह उनकी सबसे बड़ी गलतियों में से एक है। उन्होंने बताया, ‘आज मैं सेलिंग प्रोसेस को कहीं बेहतर ढंग से समझ पाता हूं।’

हॉवर्ड मार्क्स ने कहा है, ‘स्टेबिलिटी ऑफ वैल्यू के सही अनुमान से रिस्क का अंदाजा होता है।’ फ्रांसिस को लगता है कि स्टेबिलिटी ऑफ वैल्यू सिर्फ एक चीज पर निर्भर करती है और वह है फ्यूचर कैश फ्लो।

उन्होंने बताया कि इससे दो चीजें पता चलती हैं। पहली, वह इंडस्ट्री कितनी स्टेबल है जिसमें आपकी कंपनी ऑपरेट कर रही है। दूसरी, इंडस्ट्री के अंदर संबंधित कंपनी की पोजिशन स्ट्रैटिजी क्या है।

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