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63 की उम्र में दुनिया से अलविदा कह गए मशहूर भजन गायक विनोद अग्रवाल

6 अक्टूबर मंगलवार सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अग्रवाल के परिवार वाले उन्हें लेने मथुरा पहुंच गए हैं।

हे गोविंद, राधिका गोरी से, मेरे तो गिरधर गोपाल, मुझे मिला रंगीला यार, जय कन्हैया लाल जैसे गानों को आवाज देने वाले विनोद अग्रवाल का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। सीने में दर्द की वजह से रविवार को उन्हें मथुरा के नयति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। लेकिन उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

6 अक्टूबर मंगलवार सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अग्रवाल के परिवार वाले उन्हें लेने मथुरा पहुंच गए हैं। वह वृंदावन के पुष्पांजलि बैकुंठ अपार्टमेंट में रहते थे। दिल्ली में जन्मे अग्रवाल कृष्ण के अन्यय भक्त थे।

विनोद अग्रवाल ने देश में ही नहीं बल्कि ब्रिटेन, इटली, सिंगापुर, स्विटजरलैंड, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, आयरलैंड, दुबई समेत कई देशों में उन्होंने अपने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी है। वह 1500 से ज्यादा प्रोग्राम कर चुके थे। सुरों के बादशाह विनोद्र अग्रवाल भले ही अब हमारे बीच न हों लेकिन उनके गाने हमेशा ही लोगों को मंत्रमुग्ध करते रहेंगे।

अग्रवाल का जन्म 6 जून 1955 को दिल्ली में हुआ था। उनके माता-पिता भी कृष्ण और राधा में अटूट विश्वास करते थे। इसलिए उन्हें बचपन से ही कृष्ण का भक्तिमय वातावरण मिला था और वह खुद भी कृष्ण की सेवा में लग गए। उनके माता-पिता ने भी कृष्ण के भजन गायन में उन्हें प्रोत्साहित किया।

1962 में सात साल की उम्र में ही विनोद अपने भाई-बहनों के साथ मुंबई चले गए थे और 12 साल की उम्र में उन्होंने भजन गायन में अपनी रुचि को निखारना शुरू कर दिया था। गाने के साथ ही उन्होंने हारमोनियम बजाना भी सीखा।

अग्रवाल ने संतो और गुरुओं के सत्संगो के बीच अपने गायन को निखारा। बात अगर विनोद अग्रवाल के परिवार के सदस्यों के बारे में करें तो वह दो बच्चों के पिता थे। उनके बेटे के नाम जतिन है और बेटी का नाम शिखा है।

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