पीएम पोषण योजना को अगले पांच वर्षों के लिए मिली कैबिनेट की मंजूरी

केन्द्र सरकार ने 1.31 लाख करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ ‘पीएम पोषण योजना’ को अगले पांच साल तक जारी रखने को मंजूरी दी है। पीएम पोषण योजना मौजूदा मध्याह्न भोजन योजना को समाहित कर देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार 29 सितंबर को ‘पीएम पोषण-पीएम पोषण शक्ति निर्माण’ योजना से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसके लिए केन्द्र सरकार 54 हजार करोड़ रुपये और राज्य 31 हजार करोड़ रुपये खर्च करेंगे। इसके अलावा केन्द्र सरकार खाद्यानों पर होने वाले खर्च का 45 हजार करोड़ रुपये भी वहन करेगी।

5 वर्षों तक चलेगी योजना

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए आज कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर के 11.20 लाख से अधिक सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को मध्याह्न भोजन प्रदान करने के लिए पीएम पोषण योजना शुरू करने की मंजूरी दी है। यह योजना 5 साल तक चलेगी और इसमें 1.31 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में चलाई जाएगी लेकिन इसमें बड़ा योगदान केंद्र सरकार का होगा।

जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना का लाभ 11.20 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले 11.80 करोड़ बच्चों तक पहुंचेगा। इसके तहत छात्रों को प्रकृति और बागवानी का अनुभव भी दिया जाएगा। इसके अलावा आकांक्षी जिलों और अनिमिया के प्रभावित जिलों में पोषक तत्वों के लिए अलग से खुराक दी जाएगी। सभी स्तरों पर खाना बनाने की प्रतियोगिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

क्या है पीएम पोषण योजना?

पीएम पोषण योजना के तहत अगले 5 वर्ष तक देश के करोड़ों बच्चों को मुफ्त भोजन दिया जाएगा। यह योजना राज्य शिक्षा विभाग से जुड़ी है और इसमें देश के करोड़ों बच्चे जो निर्धन परिवारों से आते हैं, उन्हें पोषण योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त फंड का भी निर्णय लिया है। जो बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए जाते हैं, उनके लिए यह योजना शुरू की जाएगी। इसका नाम प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना रखा गया है। सरकारी स्कूलों में जाने वाले विद्यार्थियों के साथ सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

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