छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक

  • बस्तर संभाग में आरक्षक भर्ती के लिए शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता में कुछ विशेष छूट देने का भी निर्णय
  • यह छूट वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 के लिए दी जाएगी
  • सहायक आरक्षकों की भर्ती में 15 प्रतिशत आरक्षण के साथ
  • उनके पारिश्रमिक में एक हजार रूपए की वृद्धि
  • अब सहायक आरक्षकों को हर महीने 5300 का पारिश्रमिक

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की खेल नीति के अनुमोदन के साथ-साथ अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बस्तर राजस्व संभाग में पुलिस आरक्षकों की भर्ती के लिए स्थानीय युवाओं को शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता में विशेष छूट देने का भी निर्णय आज की बैठक में लिया।

बैठक के बाद राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने केबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य की खेल नीति 2017 का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ को खेलों में अग्रणी राज्य की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखते हुए खेल नीति 2017 तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ खेल नीति 2017 का ’’विजन’’ छत्तीसगढ़ राज्य में खेल अनुकुलित वातावरण निर्माण कर समाज के सभी वर्ग के लोगो में खेलों के प्रति जागरूकता तथा उत्सुकता बढ़ाकर खेलों के माध्यम से राज्य का सर्वागीण विकास करना है। बैठक में सहायक आरक्षकों की भर्ती में 15 प्रतिशत आरक्षण देने और उनका पारिश्रमिक एक हजार रूपए बढ़ाकर 5300 रूपए करने का भी निर्णय लिया गया है।

श्री पाण्डेय ने बताया कि खेल नीति 2017 के रणनीतिक दृष्टिकोण में खेल-नीति 2001 के प्रावधानों को परिष्कृत रूप में प्रस्तुत करते हुए, खेल विकास के लिए आवश्यक नवीन पहलुओं को भी सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है। खेल नीति 2017 में उल्लेखित मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:- सामुदायिक खेल को प्रोत्साहन, जैसे पार्को आदि में फिटनेस उपकरण की स्थापना की जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों की खेल संस्कृति का राज्य में आदान-प्रदान के लिए पहल की जाएगी। खेल प्रतिभा खोज के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अनुमोदित खेल नीति के अनुसार बस्तर और सरगुजा संभागों में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। खिलाडियों के लिए विभिन्न सुविधाएं जैसे- खेल अकादमी में प्रशिक्षण, खेलवृत्ति, नगद पुरस्कार, मुख्यमंत्री खेल विकास कोष एवं खिलाड़ी कल्याण निधि का गठन, खिलाड़ी गोदनामा योजना आदि की प्रावधान किया जाएगा। स्थानीय निकायों में आवश्यकतानुसार स्थायी खेल समिति का गठन। शैक्षणिक संस्थाओं में खेल को प्रोत्साहन तथा विद्यालयोें का इस प्रकार से समय निर्धारण ताकि सूर्य के प्रकाश में खिलाड़ी खेल अभ्यास कर सके। खेल विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। राज्य के खेल संघो को विभिन्न प्रोत्साहन, पुरस्कार एवं सुविधा दी जाएगी। खेल अधिकारियों, खेल शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

केबिनेट में अनुमोदित खेल नीति के तहत राज्य में साहसिक खेलों एवं जल आधारित खेलों तथा साहसिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। सार्वजनिक,निजी भागीदारी से खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। शासन की विभिन्न योजनाओं के समागम से खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण की योजना तैयार कर उस पर अमल किया जाएगा। खेल संघों को आर्थिक सहायता एवं उनके विवाद निपटारे के लिए ’’विवाद निवारण व्यवस्था’’ भी की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य खेल प्राधिकरण एवं जिला खेल विकास समिति का गठन। राज्य में खेल कैलेण्डर बनाकर योजनाबद्ध खेल आयोजन किए जाएंगे। खेल अकादमी एवं क्रीडा परिसरों का संचालन एवं खेल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। पैरालिम्पिक खेलों के लिए प्रतिभाखोज एवं प्रशिक्षण व्यवस्था रहेगी। योग प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी। खेल डेटा बैंक का निर्माण किया जाएगा।

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