कैबिनेट बैठक : युवाओं को पुलिस भर्ती परीक्षा में मिलेगी विशेष छूट

-हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मिलेगी 5 लाख तक की राशि

रायपुर।

कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पुलिस में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले नौजवानों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने पुलिस के अलग-अलग पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए शारीरिक माप और आयु सीमा में 3 साल की छूट दी है। साथ ही हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मिलेगी 5 लाख तक की राशि

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2006 के नियम 8 (2) के अनुसार सूबेदार/उपनिरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमाण्डर के पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा को शिथिल करते हुए चयन परीक्षा वर्ष 2018 के लिए आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाएगी। इन पदों पर नियुक्ति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष आवेदकों के लिए न्यूनतम उंचाई 163 से.मी. और सीना बिना फुलाए 78 से.मी. और फुलाने पर 83 से.मी. निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।

आज हुए फैसले के मुताबिक सुबेदार, उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर के पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा को सिथिल करते हुए चयन परीक्षा वर्ष 2018 के लिए आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी गयी है। इन पदों पर नियुक्ति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरुष आवेदकों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 163 सेमी और सीना बिना फुलाये 78 सेमी और फुलाकर 83 सेमी निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को उनके शस्त्र के अनुसार अनुग्रह राशि में बदलाव किया गया है। इस सूची में कुछ और शस्त्रों को शामिल करते उनके लिए भी अनुग्रह राशि तय की गई है। इसके मुताबिक रॉकेट लॉन्चर 84एमएम के लिए 5 लाख रुपए अनुग्रह राशि तय की गई है।

यह निर्णय बुधवार को हुई रमन कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस निर्णय के मुताबिक रॉकेट लांचर 84 एमएम के लिए 5 लाख, त्रिर्ची असाल्ट (टीएआर) के लिए 3.00 लाख रुपए तय किया गया है।
-फैसले के अनुसार
-इंसास रायफल 1.50 लाख
-एक्स 95 असाल्ट रायफल/एमपी 9 टेक्टिकल 1.00 लाख
-एक्स केलिबर 5.56 एमएम 60 हजार
-यूबीजीएल अटेचमेंट 40 हजार
-315 बोर रायफल 30 हजार
-ग्लाग पिस्टल 9 एमएम 25 हजार
-प्रोजेक्टर 13/ 16/मस्केट रायफल/यूबीजीएल सेल 02 हजार

बता दें कि कि राज्य शासन द्वारा 16 नवम्बर 2015 को जारी आदेश में नक्सल पीड़ित व्यक्तियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विस्तृत प्रावधान किए हैं, जिनमें एक प्रावधान यह भी है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों ने यदि शस्त्रों के साथ समर्पण किया है, तो उसे समर्पित शस्त्रों के बदले मुआवजे के रूप में शासन द्वारा अनुग्रह राशि स्वीकृत की जा सकेगी।

जिसमें एलएमजी के लिए 4.50 लाख रूपए, ए.के.-47 के लिए 3.00 लाख रूपए, एसएलआर रायफल के लिए 1.50 लाख रूपए, थ्री-नॉट-थ्री रायफल के लिए 75 हजार रूपए, 12 बोर बंदूक के लिए 30 हजार, 2 इंच मोर्टार के लिए 2.50 लाख रूपए, सिंगल शॉट गन के लिए 30 हजार, 9 एमएम कार्बाइन के लिए 20 हजार, पिस्टल/ रिवाल्वर के लिए 20 हजार, वायरलेस सेट के लिए 5 हजार रूपए, रिमोट डिवाईस के लिए 3 हजार, आईआईडी के लिए 3 हजार , विस्फोटक पदार्थ के लिए 1000 रूपए प्रति किलो, ग्रेनेड/ जिलेटिनरॉड के लिए 500 रूपए और सभी प्रकार के एम्युनिशन के लिए 5 हजार प्रति एम्युनिशन का प्रावधान रखा गया है। इस कड़ी में आज केबिनेट की बैठक में नये प्रावधान जोड़े गए।

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