…गलती से नहीं दे पाए RBI को जानकारी : ICICI बैंक

नई दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक ने गुरुवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से लगए गए जुर्माने पर सफाई दी है। बैंक की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आईसीआईसीआई बैंक आरबीआई के ओर से जारी सभी नियम व गाइडलाइंस का पालन करता है। बयान में आगे कहा गया है कि बैंक ने एचटीएम कैटेगरी के सेल्स की बिक्री क्वॉटर एंड में की है, जो 31 मार्च को खत्म हो रहा है। एक वास्तविक गलतफेहमी के कारण बैंक आरबीआई को इसकी जानकारी नहीं दे पाया।

आईसीआईसीआई बैंक के बयान में कहा गया है कि बैंक ने 5 फीसदी के ज्यादा एचटीएम सिक्योरिटी बेची है, इसकी जानकारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में देगा। हालांकि बैंक इस वक्त कोई अन्य डिसक्लोजर नहीं दे रहा है। इस बात की जानकारी हम साल 2017 की वार्षिक रिपोर्ट में आरबीआई को दे देंगे।

क्या है मामला : गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) पर 58.9 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। शीर्ष बैंक ने जुर्माना आईसीआईसीआई की ओर से पहले से तय नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में लगाया है। गुरुवार को जारी रिलीज में शीर्ष बैंक ने कहा कि आरबीआई ने 26 मार्च 2018 को आईसीआईसीआई बैंक पर 58.9 करोड़ रुपए का जुर्मना लगाया है। बैंक ने HTM पोर्टफोलियो की सिक्योरिटीज को बेचा था, लेकिन इसके बारे में जानकारी साझा नहीं की थी, जिसके कारण उस पर ये जुर्माना लगाया गया है।

क्या है नियम : केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 47ए(1)(सी) और सेक्शन 46(4)(आई) के तहत ऐसा किया है। एचटीएम सिक्योरिटीज बेचने के लिए नहीं होती है। लेकिन एक बैंक बिना किसी अनुमति के 5 फीसदी एचटीएम सिक्योरिटीज बेच सकती है। अगर कोई बैंक इससे ज्यादा सिक्योरिटी बेचता है, तो उसे आरबीआई से अनुमति लेने की आवश्यकता पड़ती है और अपनी वार्षिक रिपोर्ट में उसे इस बात की जानकारी भी देनी होती है।

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