बड़ी आंत का कैंसर: हाई प्रोटीन डाइट वाले रहें सावधान, लक्षणों पर रखें ध्यान

बड़ी आंत का कैंसर एक गंभीर समस्या है।

बड़ी आंत का कैंसर: भोजन के पाचन के बाद निष्कासन की प्रक्रिया में पाचन तंत्र और बड़ी आंत की भूमिका होती है। बड़ी आंत में कोई बीमारी होने पर उसका कार्य प्रभावित होता है। अगर वो बीमारी कैंसर हो तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

बड़ी आंत का कैंसर एक गंभीर समस्या है। ये कैंसर बड़ी आंत यानि कोलन या रेक्टम यानि मलाशय में हो सकता है, जिसके कई कारण हो सकते हैं। इस बारे में एलएनजेपी अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. पवनिंद्र लाल बताते हैं कि बड़ी आंत का कैंसर पाश्चात्य देशों की बीमारी है। पिछले 10-20 वर्षों में ये बीमारी भारत में भी बढ़ गई है। इसके कई कारण हैं, डॉ पवनिंद्र ने बताया कि कई लोग हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं, खास कर ऐसे लोग, जो नॉनवेजिटेरियन हैं उनमें प्रोटिन की अधिकता हो जाती है, जिसकी वजह से बड़ी आंत में समस्या हो सकती है।

हमारे देश में 10,15,20, 30 साल तक के युवाओं और बच्चों में बड़ी आंत का कैंसर पाया जा रहा है। जिस उम्र में बच्चों को पढ़ना है या नौकरी आदि करनी है, उस उम्र में उन्हें इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

बड़ी आंत के कैंसर के कारण

>अनुचित आहार
>वातावरण के कारक
>आनुवांशिक
>मोटापा
>मांसाहारी भोजन अधिक मात्रा में खाना
>शराब का अधिक सेवन
>रेशेयुक्त आहार कम मात्रा में खाना
>शारीरिक श्रम में कमी
>पेट में अल्सर ( अल्सरेटिव कोलाइटिस)
>इंफ्लामेट्री बॉवल डिजीज( आईबीडी)

इन लक्षणों पर रखें ध्यान

यदि व्यक्ति को मल में खून आना, कब्ज या दस्त का लंबे समय तक चलना, पेट के निचले भाग में दर्द, वजन का कम होना, अचानक अत्यधिक थकान होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉ. पवनिंद्र लाल बताते हैं कि इसकी जांच और इलाज संभव है।

जांच और इलाज

>कोलोनोस्कोपी की जरूरत
>बायोप्सी से होती है कैंसर की पुष्टि
>सीटी स्कैन द्वारा कैंसर की अवस्था की पहचान
>सर्जरी से होता है इलाज
>ओपन सर्जरी या लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जा सकती है
>कैसे करें बचाव
>मांसाहारी भोजन ( रेड मीट व प्रोसेस्ड मांस) कम मात्रा में खाएं
>अधिक रेशेदार पदार्थ खाएं
>शराब का सेवन न करें
>पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं
>वजन नियंत्रित रखें
>शारीरिक श्रम करें

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