प्रत्याशियों को बताना होगा आमदनी का स्रोत : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपनी आय के साथ ही साथ अपने परिजनों की आय का ब्योरा भी देना होगा अभी तक उन्हें हलफनामे में सिर्फ अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा देना होता था। जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस एसए अब्दुल नजीर की बेंच ने उत्तर प्रदेश के एनजीओ लोक प्रहरी की पिटीशन पर यह फैसला सुनाया। इससे यह भी पता लगेगा कि प्रत्याशियों की पत्नी और बच्चों की आय व संपत्ति कितनी है।

शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश जे चेलामेश्वर और न्यायाधीश एस अब्दुल नजीर की बेंच ने यह फैसला दिया है।लोक प्रहरी ने सांसदों और विधायकों को आय से ज्यादा सम्पत्ति हासिल करने से रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की थी।

एनजीओ चाहता था कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के नॉमिनेशन फॉर्म में इनकम सोर्स का कॉलम भी जोड़ा जाए साथ ही वे अपनी पत्नी और आश्रितों की आय का स्रोत और संपत्ति का ब्योरा भी पेश करें। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सेंटर बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) से हलफनामे के जरिए एक जवाब देने को कहा था।

इसमें कोर्ट ने पूछा था कि उन विधायकों और सांसदों पर क्या कार्रवाई की गई, जिनकी एसेट्स दो चुनावों के बीच अचानक 500 फीसदी तक बढ़ गई। इस पर सीबीडीटी ने कोर्ट को बताया कि ऐसे लोगों के खिलाफ जांच जारी है।

इससे पहले चुनाव आयोग ने भी अदालत से कहा था कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए बदलाव करना जरूरी है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन कर यह व्यवस्था की जानी चाहिए कि सरकार से आर्थिक अनुबंध पर जुड़े व्यक्ति को चुनाव लड़ने की अनुमति न दी जाये। इतना ही नहीं यदि चुनाव लड़ने वाले किसी प्रत्याशी के परिवार का कोई सदस्य इस प्रकार के अनुबंध में हो तब भी उसकी चुनाव लड़ने की दावेदारी को खारिज किया जाना चाहिए।

बेंच ने यह भी कहा कि एक स्वस्थ प्रजातंत्र के लिए जरूरी है कि मतदाता यह जाने कि वह जिस नेता को वोट दे रहा है उसकी और उसके परिवार की कमाई के स्रोत क्या हैं। सीबीडीटी ने बताया कि इस मामले की जांच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने की है और शुरुआती तौर पर लोकसभा के 26 में 7 सांसदों के बेहिसाब संपत्ति बनाने का पता चला है।बोर्ड ने कहा था कि वह इन 7 सांसदों के खिलाफ जांच करेगा। साथ ही यह भी कहा था कि 257 में से 98 विधायकों की संपत्ति में भी बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

new jindal advt tree advt
Back to top button