कोटा में कौन… बड़ा सवाल, लोरमी में धर्मजीत की चुनौती

कोटा विधानसभा क्षेत्र लोरमी विधानसभा क्षेत्र

कांग्रेस के गढ़ कोटा में

भाजपा को जीत की तलाश 

मुश्किल में तोखन, भाजपा

कांग्रेस में बदलेगा चेहरा

रेणु जोगी

तोखन साहूअविभाजित मध्यप्रदेश के जमाने में जिन सीटों को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है उनमें सामान्य वर्ग की सीट कोटा भी शामिल है। इस सीट से मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला लंबे समय से जीत हासिल करते रहे। उनके निधन के बाद 2006 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने रेणू जोगी को अपना उम्मीदवार बनाया। वर्तमान में रेणू जोगी यहां से विधायक चुनी गई हैं।
वहीं लोरमी सामान्य विधानसभा सीट में भाजपा के मुनिराम साहू लंबे से विधायक चुने जाते रहे हैं। साहू बाहुल्य यह सीट पर ज्यादातर भाजपा के पाले में रही है। वर्तमान में भाजपा के तोखन साहू यहां से विधायक चुने गए हैं।

रायपुर: साल 2003 के विधानसभा चुनाव में सामान्य वर्ग की सीट कोटा से मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने भाजपा के भूपेंद्र सिंह को सीधे मुकाबले में 1676 मतों से हराया। कांग्रेस के राजेंद्र प्रसाद शुक्ल को 39545 मत मिले वहीं भाजपा के भूपेंद्र सिंह को 37866 मतों से संतोष करना पड़ा। साल 2006 में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के निधन से रिक्त हुई कोटा विधान सभा क्षेत्र उपचुनाव कराए गए। इस चुनाव में भी कांग्रेस अपनी परंपरागत सीट बचा पाने में कामयाब रही।

2006 के कोटा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने यहां से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पत्नी डॉ. रेणू जोगी को अपना उम्मीदवार बनाया। वहीं भाजपा की ओर से भूपेंद्र सिंह ही मैदान में थे। इस चुनाव में कांग्रेस की रेणू जोगी ने भाजपा के भूपेंद्र सिंह को सीधे मुकाबले में 23740 मतों से हराया। कांग्रेस की रेणू जोगी को 59465 मत मिले वहीं भाजपा के भूपेंद्र सिंह को 35995 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी जीत का प्रदर्शन दोहरा पाने में कामयाब रही। इस चुनाव में हालांकि भाजपा ने चेहरे में बदलाव करते हुए मूलचंद खंडेलवाल को अपना प्रत्याशी बनाया था, पर वे जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो सके। इस चुनाव में कांग्रेस की रेणू जोगी ने सीधे मुकाबले में भाजपा के मूलचंद खंडेलवाल को 9411 मतों से हराया। कांग्रेस की रेणू जोगी को 55317 मत मिले वहीं भाजपा के मूलचंद खंडेलवाल को 45506 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कोटा विधानसभा में अपना उम्मीवार बदलते हुए काशीराम साहू को मैदान में उतारा। इस बार भी भाजपा जीत के करीब नहीं पहुंच सकी। वहीं कांग्रेस की रेणू जोगी तीसरी बार जीत हासिल करने में कामयाब रही। इस चुनाव में कांग्रेस की रेणू जोगी ने सीधे मुकाबले में भाजपा के काशीराम साहू को 5089 मतों से हराया। कांग्रेस की रेणू जोगी को 58390 मत मिले वहीं भाजपा के काशीराम साहू को 53301 मतों से संतोष करना पड़ा।

बताते चलें कि इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बना चुके हैं वहीं उनकी विधायक पत्नी रेणू जोगी भी कांग्रेस में हासिए पर चल रही हैं। ऐेसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस इस बार रेणू जोगी की टिकट काट कर नए चेहरे को अपना उम्मीदवार बना सकती है। वहीं जोगी कांग्रेस भी चुनाव में उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर चुकी है। कांग्रेस के अंदर मच घमासान के बीच कोटा विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा अपनी जीत तलाशने के लिए पुरजोर कोशिशों में लगी हुई। बहरहाल इस बार कांग्रेस किसे उम्मीदवार बनाती और भाजपा को चेहरा कौन होगा, इस पर सस्पेंस बना हुआ है।

लोरमी में त्रिकोणीय मुकाबला

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद साल 2003 के विधानसभा चुनाव में लोरमी सामान्य विधानसभा सीट पर कांग्रेस के धर्मजीत सिंह ने जीत का खाता खोला। उन्होंने सीधे मुकाबले में भाजपा के मुनिराम साहू को 15666 मतों से हराया। इस चुनाव में कांग्रेस धर्मजीत सिंह को 47998 मत मिले, वहीं भाजपा के मुनिराम साहू को 32332 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के धर्मजीत सिंह दोबारा चुनाव जीतने में कामयाब रहे। इस चुनाव में हालांकि भाजपा ने नए चेहरे को मौका दिया पर वो कांग्रेस को हरा पाने में कामयाब नहीं हो सके। इस चुनाव में कांग्रेस धर्मजीत सिंह ने भाजपा के जवाहर साहू को 4989 मतों से हराया। कांग्रेस के धर्मजीत सिंह को 48569 मत मिले वहीं जवाहर साहू को 43580 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 में लोरमी विधानसभा सीट पर कांग्रेस को एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए तोखन साहू को प्रत्याशी बनाया था। जिन्होंने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के धर्मजीत सिंह को 6241 मतों से हराया। भाजपा के तोखन साहू को 52302 मत मिले वहीं कांग्रेस के धर्मजीत सिंह को 46061 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पूर्व उम्मीदवार रहे धर्मजीत सिंह इस समय कांग्रेस से अलग हुई पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष हैं। इस बार वे जोगी कांग्रेस से लोरमी विधानसभा सीट पर पार्टी के उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं। वहीं कांग्रेस के सामने लोरमी विधानसभा क्षेत्र धर्मजीत सिंह की चुनौती से निपटने की चुनौती है।

लोरमी में कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा इस लेकर अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आ पाया है। वहीं त्रिकोणीय मुकाबले में अपनी जीत बनाए रखने के लिए जिताऊ चेहरे की तलाश में लगी हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार भाजपा अपना उम्मीदवार बदल सकती है। फिलहाल वो चेहरा कौन होगा यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।

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