अपने ही नेता पर बरसे कैप्टन अमरिंदर

०-कहा- सिद्धू उनसे गले मिल रहे हैं जो हमारे जवानों को हर रोज मार रहा

चंडीगढ़:

पाकिस्तान के वजीर-ए-आजाम इमरान खान की शपथ समारोह में शामिल होकर लौटे क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर सियासत गरमा है। यहां तक कि उनकी ही सरकार के मुखिया और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू व्यक्तिगत फैसले पर वहां गए थे।

इससे पंजाब सरकार को कोई लेना देना नहीं है। हो सकता है सिद्धू पीओके के राष्ट्पति को नहीं पहचानते हो इसलिए बगल में बैठ गए । लेकिन जहां तक पाकिस्तान सेना प्रमुख से गले मिलने का सवाल है तो मैं इसके खिलाफ हूं । गले मिलने का कोई मतलब नहीं निकलता था। पाकिस्तान के सेना प्रमुख को लेकर इस तरह उनके द्वारा स्नेह दिखाना गलत था।

०-सिद्धू पर साधा निशाना

अमरिंदर सिंह ने कहा कि हर रोज हमारे जवान शहीद हो रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल बाजवा को गले लगाना- मैं इसके पक्ष में नहीं हूं। वास्तव में इंसान को समझना चाहिए कि हमारे जवान हर रोज मारे जा रहे हैं? पिछले दिनों ही हमने अपनी रेजिमेंट के एक मेजर और दो जवानों को खो दिया। हर रोज किसी को गोली लग रही है।

क्या जो इंसान ट्रिगर दबा रहा उसका दोष है या वह शख्स इसके लिए जिम्मेदार है जो सेना प्रमु है और वह चीफ जनरल बाजवा हैं।’ अमरिंदर ने कहा कि कोई यह भी नहीं कह सकता कि मैं जनरल बाजवा को नहीं जानता था क्योंकि नाम तो यूनिफॉर्म पर लिखा रहता है।

०-पाकिस्तान से लौटे सिद्धू ने दी सफाई

गौरतलब है कि भारत पाकिस्तान के बीच तीखे संबंध के बीच पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में नवजोत सिंह सिद्ध शामिल हुए थे। इसको लेकर सिद्धू की काफी आलोचना हुई।

पाकिस्तान जाने की बात पर नवजोत सिंह सिद्ध ने कहा कि मैं बतौर वहां मेहमान शामिल होने गया था। पीओके के राष्ट्रपति के बगल में बैठने और पाक सेना प्रमुख से गले मिलने के सवाल पर सिद्ध ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने खुद से वहां नहीं बैठा था।

बल्कि मुझे वहां बतौर मेहमान बठाया गया था। सिद्धू ने कहा कि अगर कोई (जनरल बाजवा) मेरे पास आता है और कहता है कि हमारी संस्कृति एक है और हम गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर बॉर्डर खोल देंगे, तो मैं और क्या कर सकता हूं। सिद्धू ने कहा है, ‘अगर आपको मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया जाता है तो आपको जहां कहा जाता है आप वहां बैठते हैं। मैं दूसरी जगह बैठा था लेकिन उन्होंने मुझसे वहां बैठने को कहा। फिर इसमें मैं क्या कर सकता हूं।

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