कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते वक्त जरूर चेक कर लें ये फायदे

नई दिल्ली : कार इंश्योरेंस कार, कार में सवार यात्री और थर्ड पार्टी के लिए बहुत उपयोगी है। देश में वाहनों की बढ़ती मांग के साथ कार इंश्योरेंस इंडस्ट्री भी बहुत तेजी के साथ ग्रो कर रही है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार, सभी वाहन मालिकों के लिए थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी होना जरूरी है। किसी भी कार इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने से पहले मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के फीचर्स और फायदों को समझना जरूरी है। ऐसी कार इंश्योरेंस पॉलिसी का चयन करना चाहिए, जिससे सबसे अधिक फायदा हो।

इन 5 फायदों को ध्यान में रखकर कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी चाहिए:

1. फाइनेंशियल कवरेज: कार इंश्योरेंस कवर का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में कार के नुकसान और शारीरिक चोट के नुकसान की भरपाई करना है। कार चोरी होने की स्थिति में भी इंश्योरेंस कंपनी ही भुगतान करती है। भारत में कार इंश्योरेंस दो प्रकार के होते हैं- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कार इंश्योरेंस और कार इंश्योरेंस।

थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस: इसमें कार में बैठी सवारी और एक्सीडेंट की स्थिति में थर्ड पार्टी के चोटिल या मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति होती है। हालांकि इसमें कार के नुकसान की भरपाई नहीं होती है।

कार इंश्योरेंस: इसमें थर्ड पार्टी वाले सभी फायदों के साथ एक्सीडेंट या चोरी होने पर कार के नुकसान की भरपाई भी होती है।

2. कैशलेस गैराज नेटवर्क: कार की मरम्मत बिना किसी खर्च के होती है। बहुत सी इंश्योरेंस कंपनियों ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से टाई-अप किया होता है, जिसके तहत एक्सीडेंट हुई कार को कैशलेस तरीके से ठीक करवाया जा सकता है, बिल का निपटान इंश्योरेंस कंपनी खुद करेगी।

3. नो क्लेम बोनस: अगर आपने कार इंश्योरेंस में पहले कोई क्लेम नहीं लिया है तो अगली पॉलिसी में आपको नो क्लेम बोनस का लाभ दिया जाएगा। नो क्लेम बोनस 20 फीसद से 25 फीसद के बीच हो सकता है।

4. एड-ऑन फीचर्स: कार इंश्योरेंस में एड-ऑन फीचर्स को जोड़कर पॉलिसी को ज्यादा बेहतरीन बनाया जाता है। एड-ऑन्स फीचर्स कुछ इस प्रकार हैं- जीरो डेप इंश्योरेंस, इंजन प्रोटेक्शन, रोड साइड एसिस्टेंस और एनसीबी प्रोटेक्ट आदि।

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