हाईप्रोफाइल सुसाइड का मामला, बिलासपुर हाईकोर्ट में पी. चिदंबरम ने की पैरवी

बिलासपुर।

हाईकोर्ट में पूर्व वित्त मंत्री एवं सुप्रीम कोर्ट के वकील पी. चिदंबरम राजनांदगांव में हुए हाईप्रोफाइल सुसाइड केस में आरोपी बनाए गए उद्योगपति कमल मूंदड़ा कि तरफ से पैरवी करने आए। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 27 नवम्बर को केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। इसके बाद चिदंबरम ने बार के वकीलों को संबोधित भी किया।

आपको बता दें कि 10 फरवरी 2012 को महावीर चौरड़िया ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी थी। सुसाइड करने से पहले उन्होंने ऑडियो रिकार्ड किया था। परिजनों ने राजनांदगांव के कोतवाली थाने में प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया था।

इसमें कहा गया था कि पैसां कि लेनदेन के मामले में महावीर को तीनों उद्योगपतियों के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या की है।

इस समय मृतक के भाई गौतम चौरड़िया हाईकोर्ट में जज हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर 3 बड़े उद्योगपतियां के खिलाफ धारा 306( आत्महत्या के लिए उकसाने ) का मामला दर्ज किया तब से तीनों आरोपी फरार थे। निजली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उसके बाद तीनों ने सुप्रीमकोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की थी। जहां से उनको गिरफ्तारी से स्टे मिल गया था।

तीन उद्योगपतियों में से एक कमल मूंदड़ा ने हाईकोर्ट में एफआईआर निरस्त करने याचिका लगाई थी। जिसमे कमल मूंदड़ा के तरफ से पैरवी करने देश के पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम आये थे। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने केस डायरी 27 नवंबर को पेश करने का आदेश दिया है।

केस के बाद चिदंबरम को बार के पदाधिकारी अपने दफ्तर ले गए। यहां उनका स्वागत किया गया। यहाँ अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये हाईकोर्ट बहुत खूबसूरत और भव्य बना है। हाईकोर्ट होने से वहां के जिला अदालतों के वकीलों को भी बेहतर मौके मिलते हैं।

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