कटघोरा थाना में आया जमीन दलालो का मामला, बुजुर्ग को धोखे में रख करवा ली रजिस्ट्री

पीड़ित पक्ष ने कटघोरा थाने में लिखित शिकायत की

कटघोरा: कटघोरा में इन दिनों जमीन दलालो का काला बाजारी सक्रिय हैं। इनके झांसे में आये लोग आज तक नही उबर पाए हैं। ये लोग पूरी रणनीति के साथ अपने कार्यो को अंजाम देते हैं। धोखाधड़ी व फर्जी तरीके से किसानों व ग्रामीणों को गुमराह कर रजिस्ट्री करके मोटी रकम वसूल रहे हैं।ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत रामपुर का आया है जहां ऋण पुस्तिका बनवाने के बहाने जमीन की ही रजिस्ट्री करवा डाली। पीड़ित पक्ष ने कटघोरा थाने में लिखित शिकायत की है।

पोड़ी उपरोड़ा के अंर्तगत ग्राम पंचायत रामपुर का मामला हैं जहाँ जमीन दलालो के कारनामो से पूरा परिवार सक्ते में है। यहाँ के निवासी दयानाथ पिता शिवरतन उम्र 75 वर्ष जाति चौहान के नाम पर हक की निजी भूमि खसरा न. 303/3 रकबा 24 डिसमिल स्थित है।

भूमि की ऋण पुस्तिका गुम हो गई

पीड़ित ने बताया कि भूमि की ऋण पुस्तिका गुम हो गई थी जिसको बनवाने के लिये गांव के ही जीवन दास, मोती दास और भरत प्रजापति निवासी कासनिया को दिया था। कुछ दिनों पश्यात इन्होंने बताया कि ऋण पुस्तिका बन गई है जिसको लेने के लिये कटघोरा तहसील आना पड़ेगा और पीड़ित को घर से तहसील बुलवा लिए और पीड़ित के साथ उसका छोटा भाई प्रेमनाथ भी आया था इसी बीच पीड़ित पक्ष को बताया गया कि कुछ जगह हस्ताक्षर या अंगूठा करना पड़ेगा उसके बाद ऋण पुस्तिका मिल जाएगी।

दलालो की प्रक्रिया पूरी सोची समझी साजिश के तहत चल रही थी और मानसिक रूप से बीमार बुजुर्ग को ये तक नही पता चल पाया कि उसके भूमि की रजिस्ट्री हो रही है।कुछ समय बाद सारी प्रक्रिया पूर्ण हो गई।

जब कटघोरा तहसील में रजिस्टार के पास पीड़ित को खड़ा किया गया तो उसको क्या बोलना है पूरी राम कहानी बता दी गई थी और रजिस्टार के समक्ष पीड़ित ने एक लाख पंचानबे हजार रुपये मिल गया, वाली बात कबूल कर ली। वह इनके बहकावे में बहते चला गया। कुछ समय बाद पीड़ित को ऋण पुस्तिका के साथ चालीस हजार का चेक भी दिया गया और उसे घर छोड़कर सोलह हजार रुपये क़िस्त में दिए गए।

और धोखेबाजी से रजिस्ट्री करवा ली

जब पीड़ित के परिवार को समझ आया तो देर हो चुकी थी, और धोखेबाजी से रजिस्ट्री करवा ली है तो असहाय गरीब परिवार ने इनसे उलझना सही नही समझा और पीड़ित के परिवारजनों ने रजिस्ट्री के वक्त जो कीमत कबूल करवाई थी परिवार के लोगो ने उस रकम की मांग की और जमीन दलालो ने मिल जाएगा करके बात टाल दी और आज लगभग तीन साल हो चुके हैं पीड़ित पक्ष को न तो जमीन मिली और न ही रकम।

गरीब परिवार में इस बात को लेकर हमेशा तनाव बना रहता है। और जो चालीस हजार का चेक दिया गया था उस खाते में कभी पैसा रहता ही नही है इसलिए पीड़ित पक्ष को चेक से भी पैसा नसीब नही हुआ है।

परिवार के लोग समझ चुके थे कि वो धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। आज ये गरीब परिवार सदमे में है जो जमीन दलालो का शिकार हो गया।लोगो के द्वारा बताया जा रहा है कि कासनिया निवासी भरत प्रजापति इन दिनो जमीन खरीद फरोख्त में पूरे गैंग के साथ सक्रिय है और लगातार लोगो को अपने जाल में फंसा कर मोटी रकम वसूल कर चुना लगा रहा है।

आखिर कब तक ये जमीन दलाल यू ही खुले में घूम कर बेबस व लाचार किसानों व ग्रामीणों को अपना शिकार बनाते रहेंगे अब तो प्रशासन से ही आश है कि वो कैसे इन पर नियंत्रण लगा कर इनके जालसाज व धोखाधड़ी से निजात दिला पायेगा।

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