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ऑक्सीजोन के नाम पर उजाड़े गए छोटे दुकानदारों का मामला

विधानसभा में उठा ऑक्सीजोन के नाम पर उजाड़े गए छोटे दुकानदारों का मामला

रायपुर। ऑक्सीजोन के नाम पर राजधानी रायपुर में खालसा स्कूल के सामने से बेदखल कर दिए गए 70 छोटे दुकानदारों का मामला सोमवार को विधानसभा में उठा। ध्यानाकर्षण के दौरान कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा कि दो साल पहले उजाड़ दिए गए इन दुकानदारों का व्यवस्थापन तत्काल किसी उपयुक्त स्थान पर किया जाए।

अपनी ध्यानाकर्षण सूचना में कुलदीप जुनेजा ने कहा कि पूर्ववर्ती शासनकाल में खालसा स्कूल के सामने छोटे-छोटे व्यापार कर जीवन निर्वाह करने वाले 70 दुकानदारों की दुकानें तत्कालीन जिला प्रशासन रायपुर व्दारा बिना कहीं व्यवस्थापन किए अनुचित एवं अन्यायपूर्वक तोड़ दी गई।

इसका परिणाम यह हुआ कि दुकानदारों के समक्ष जीवन यापन की समस्या उत्पन्न हो गई है। पूर्व में शासन ने आश्वस्त किया था कि नए सत्र में इन्हें दुकानें बनाकर दी जाएंगी, किन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं होने से इन व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है।

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया की तरफ से जवाब आया कि यह कथन सत्य है कि पूर्ववर्ती शासन के कार्यकाल में खालसा स्कूल के सामने छोटे व्यापार कर निर्वहन करने वालों की 70 दुकानें थीं।

ईएसी कॉलोनी एवं इसके आसपास के क्षेत्रों को शहरी वन के रूप में विकसित करते हुए ऑक्सीजोन बनाने का निर्णय लिया गया था। तत्कालीन रायपुर कलेक्टर व्दारा इन दुकानों को हटाने का निर्देश रायपुर नगर निगम को दिया गया था। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योेजना अंतर्गत निर्मित सभी 70 दुकानों को हटाया गया। एक दुकान रिक्त थी।

बाकी प्रभावित 69 दुकानदारों को भनपुरी स्थित बेस्ट प्राइज सुपर बाजार के पास रिंग रोड नंबर 2 के सामने व्यवस्थापित करने का निर्णय लिया गया था। कुछ दुकानदारों व्दारा उक्त स्थल पर जाने से आपत्ति करते हुए वैकल्पिक रूप से निगम की पालिका बाजार योजना अंतर्गत पंडरी बस स्टैंड अटलानी भवन के बाजू स्थित रिक्त भूमि का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया था।

उक्त भूमि के शासकीय होने के कारण वर्तमान में भनपुरी के बेस्ट प्राइज सुपर बाजार के पास ही व्यवस्थापन की कार्यवाही की जा रही है। यह कहना सही नहीं है कि छोटे-छोटे व्यवसाय कर जीवन यापन करने वाले 69 दुकानों को बिना व्यवस्थापन के विस्थापित किया गया है।

कुलदीप जुनेजा ने कहा कि इन व्यापारियों को बेदखल किए गए दो साल हो गए और आज तक व्यवस्थापन नहीं किया गया। स्थिति यह है कि कुछ दुकानदार अपने बच्चों की फीस तक नहीं पटा पा रहे हैं। कुछ दुकानदारों की मौत हो गई।

शिव डहरिया ने कहा कि प्रभावितों का व्यवस्थापन करेंगे। जुनेजा ने कहा कि यह मेरे विधानसभा क्षेत्र का मामला है। जहां इन्हें भेजने की बात हो रही है वहां उनके लिए जा पाना संभव नहीं। शहर के ही भीतर उपयुक्त जगह पर उनका व्यवस्थापन करें। डहरिया ने कहा कि आपकी जानकारी में कोई उपयुक्त जगह हो तो साथ चलकर देख लेंगे।

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