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कैटालोनिया में अब गृह युद्ध की आशंका

कैटालोनिया में अब गृह युद्ध की आशंका

नई दिल्ली : कैटालोनिया की संसद द्वारा स्पेन से आजादी की घोषणा और स्पेन की केंद्रीय सरकार द्वारा कैटालोनिया की संसद को भंग कर प्रांतीय सरकार को बर्खास्त करने के जवाबी कदमों के बाद कैटालोनिया में आने वाले दिनों में गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इन कदमों से स्पेन में 1937 के गृह युद्ध के बाद सबसे गंभीर राजनीतिक संकट पैदा हो गया है।

कैटालोनिया के लोगों में स्पेन के प्रति असंतोष : स्पेन के पुर्व तानाशाह शाषक फ्रांसिस फ्रांको ने कैटालोनियाई लोगों के साथ जो भाषाई और सांस्कृतिक भेदभाव किया उसी का नतीजा है कि कैटालोनिया के लोगों में स्पेन के प्रति भारी असंतोष है जो दशकों से आजादी के आंदोलन का रूप ले चुका है। लेकिन पिछले दशकों में कैटालोनिया के लोग अधिक स्वायत्तता की मांग के साथ स्पेन में बने रहने के लिये मानसिक तौर पर तैयार दिखने लगे थे।

यही वजह है कि गत 1 अक्टूबर को कैटालोनिया में करवाये गए जनमतसंग्रह में केवल 43 प्रतिशत लोगों ने ही भाग लिया जिसमें से 93 प्रतिशत लोगों ने स्पेन से अलग होने के पक्ष में मत दिया। इसलिये कैटालोनिया की समग्र जनता की ओर से दिया गया निर्बिवाद फैसला नहीं बता सकते।

स्पेन के उपप्रधानमंत्री को सौंपी कैटालोनिया की जिम्मेदारी : इसके बाद गत 28 अक्टूबर को कैटालोनिया की संसद ने आजादी के पक्ष में जो बहुमत फैसला दिया वह भी मामूली मतों से पारित हुआ। कुल 135 सांसदों में से 75 ने ही अलग होने का वोट दिया। साफ है कि कैटालोनिया की कमोबेश आधी आबादी ही आजादी का पक्षधर है।

इसी असलियत के मद्दनेजर स्पेन के प्रधामनंत्री मारियानो राजोय में कैटालोनिया के नेता पुगडेमोंट को न केवल बर्खास्त किया बल्कि वहां के पुलिस प्रमुख को भी पदमुक्त कर दिया और पुलिस की जिम्मेदारी स्पेन के पुलिस अधिकारी को सौंप दिया। कैटालोनिया के प्रशासन की जिम्मेदारी स्पेन के उपप्रधानमंत्री को सौंप दी।

राष्ट्रवादियों के साथ बढ़ सकता है टकराव : कैटालोनिया के बर्खास्त नेता पुगडेमोंट ने शांतिपुर्ण विद्रोह का आह्वान किया है। लेकिन यह कितना शांतिपूर्ण रहेगा कहना मुश्किल है। कैटालोनिया की राजधानी बार्सिलोना की सड़कों पर अलगाववादियों और राष्ट्रवादियों के बीच झड़पे शुरू हो गई हैं। प्रदर्शनों की बाढ़ आ गई है।

सोमवार को देखना होगा कि बर्खास्त कैटालोनिया सरकार के कैबिनेट मंत्री अपने दफ्तर का कामकाज करने में सफल होते है या नहीं। कैटालोनिया के सरकारी कर्मचारी भी अपने राज्य के लिए हीं काम करने की जिद पर अड़े है। इसलिए राष्ट्रवादियों के साथ आने वाले दिनों में टकराव बढ़ेगा ही।

यूरोपीय संघ ने कैटालोनिया को दी चेतावनी : स्पेन की सरकार की एक बड़ी चिंता यह है कि कैटालोनिया के आजादी आंदोलन से प्रेरित होकर बास्क इलाके के लोग भी कहीं अपने आजादी की पुरानी मांग को फिर जीवित न कर दें। स्पेन के इस अस्थिर राजनीतिक भविष्य से यूरोपियन यूनियन भी चिंतित है।

इसलिए यूरोपीय संघ ने आधिकारिक तौर पर कैटालोनिया को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करेगा। यूरोप के बड़े देशों को चिंता है कि कहीं आजादी की हवा उनके देशों में भी नहीं बहने लगे। कैटालोनिया की आजादी से यूरोप में बिखराव का नया दौर शुरू हो सकता है। भारत में भी कश्मीरी अलगाववादियों को कैटालोनिया की एक नई मिसाल पेश करने का मौका लगेगा।

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jindal

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