बाबरी विध्वंस मामले को लेकर आज अपना फैसला सुनाएगी सीबीआई कोर्ट

ट्रायल के दौरान जज ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सुरक्षा मांगी थी

नई दिल्ली:बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत 30 सितंबर यानी आज फ़ैसला सुनाने वाली है. यह फ़ैसला दोपहर क़रीब 11 बजे सुनाया जाएगा. अदालती फ़ैसले को लेकर अयोध्या को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने मई 2001 में आडवाणी, जोशी, उमा भारती, बाल ठाकरे और अन्य को टेक्निकल ग्राउंड का हवाला देते हुए आरोपों से बरी कर दिया था. सीबीआई इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंची थी, लेकिन जब उसने भी इस फैसले को बरकरार रखा. तब एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

सबसे बड़ी अदालत ने बीजेपी के 13 नेताओं पर साजिश का केस चलाने का आदेश दिया था. जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह और अन्य कुछ लोग भी मुख्य आरोपी हैं.

कोर्ट के आदेश के मुताबिक बुधवार को सभी आरोपियों को कोर्टरूम में मौजूद रहना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आडवाणी, जोशी, उमा भारती और अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश के चार्ज तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

मामले का ट्रायल करने वाले स्पेशल जज एस के यादव पिछले साल 30 सितंबर को ही रिटायर होने वाले थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसला आने तक इनका कार्यकाल बढ़ा दिया था. तो यूपी सरकार ने भी नोटिफिकेशन जारी कर फैसला आने तक जज का कार्यकाल बढ़ा दिया था. ट्रायल के दौरान जज ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सुरक्षा मांगी थी.

दिसंबर, 1992 को दो एफआईआर दर्ज की गई थीं. पहली अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ. जिन पर मस्जिद को ढहाने का आरोप था. इसकी सुनवाई लखनऊ कोर्ट में हुई थी. वहीं, दूसरी एफआईआर आडवाणी, जोशी और अन्य लोगों के खिलाफ थी. इन सभी पर मस्जिद ढहाने के लिए भड़काऊ भाषण देने का आरोप था. यह केस राय बरेली की सेशन कोर्ट में चला था.

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button