नजीब अहमद का सुराग देने वाले को सीबीआई देगी 10 लाख का इनाम

दिल्ली.जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) के लापता छात्र नजीब अहमद के बारे में जानकारी देने वाले को सीबीआई ने 10 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। नजीब अहमद 14 अक्टूबर 2016 की रात से लापता है। गुमशुदगी के ठीक पहले उसकी हॉस्टल में एबीवीपी के सदस्यों के साथ मारपीट हुई थी।
सीबीआई को पिछले महीने ही दिल्ली पुलिस से नजीब अहमद का केस मिला है। मई में दिल्ली हाई कोर्ट ने नजीब अहमद का केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस भी नजीब को ढूंढने में नाकाम रही थी।

दिल्ली पुलिस ने भी नजीब के बारे में कोई सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये इनाम देने का ऐलान किया था। उत्‍तर प्रदेश के बदायूं जिले का रहने वाला नजीब यहां के मावी-मांडवी हॉस्‍टल के रूम नंबर 106 में रहता है।
इस समय जेएनयू में हॉस्‍टल यूनियन का चुनाव चल रहा है। इसी हॉस्‍टल में मेस सचिव पद के लिए खड़ा विक्रांत यादव 14 अक्‍टूबर की रात नजीब के कमरे में प्रचार के लिए आया था।

इसी दौरान दोनों में कहासुनी हुई। एबीवीपी से जुड़े लोगों का कहना है कि इस दौरान नजीब अहमद ने विक्रांत को दो झापड़ जड़ दिए। इसके बाद विक्रांत ने छात्र संघ के कुछ पदाधिकारियों को बुला लिया।

दोनों पक्षों में सुलह की कोशिश की गई। दरअसल, ये हॉस्टल यूनियन पर कब्जे की ही लड़ाई है जो अब इस स्तर तक पहुंच गई है। इस हॉस्‍टल के एक गार्ड ने भी बताया 14 तारीख की रात प्रचार को लेकर हंगामा हुआ था।

भीड़ ने पिटा था नजिब को,तब से है गायब

जेएनयू में राष्‍ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोपी रहे उमर खालिद का कहना है कि 27 वर्षीय नजीब अहमद को विक्रांत यादव द्वारा बुलाकर लाई गई भीड़ ने पीटा। इसके बाद 15 तारीख की सुबह से उसका पता नहीं है।
नजीब अहमद के रूममेट मोहम्‍मद कासिम हैं। इस हॉस्‍टल में करीब दो सौ कमरे हैं। परिजनों की शिकायत पर बसंत कुंज थाना पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया है।

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