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ओडिशा उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से माफी मांगना चाहती थी सीबीआई

नई दिल्ली: सीबीआई ने अपनी एक जांच टीम की ओडिशा उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश के घर पर छापेमारी करने की कथित कोशिश से संबंधित मामले को लेकर आज उच्चतम न्यायालय से कहा कि उसने ओडिशा उच्च न्यायालय के इन न्यायाधीश से इसे लेकर ‘‘माफी’’ मांगने के लिए अनुमति मांगी थी।

एजेंसी ने न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ से कहा कि मंजूरी रद्द कर दी गई क्योंकि कथित घटना से संबंधित मामला ओडिशा उच्च न्यायालय में लंबित है। सीबीआई की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘हमने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से हमें अनुमति देने का अनुरोध किया है ताकि हम उनसे माफी मांग सके। लेकिन इसे रद्द कर दिया गया क्योंकि मामला उ‘च न्यायालय में लंबित है।’’

मेहता ने यह भी दावा किया कि सीबीआई टीम मौजूदा न्यायाधीश के घर के दरवाजे के अंदर नहीं गई थी। हालांकि पीठ ने कहा कि यह ‘‘गलत पहचान’’ का मामला हो सकता है। सीबीआई ने उच्च न्यायालय में लंबित मामला स्थानांतरित करने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।

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