सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा, ऑटो ने जज उत्तम आनंद को जानबूझकर मारी टक्कर

जज की संदिग्ध हत्या में इस्तेमाल किया गया ऑटो चोरी का था

धनबाद:मॉर्निंग वॉक के लिए निकले धनबाद के जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश उत्तम आनंद को रणधीर वर्मा चौक के नज़दीक एक ऑटो ने टक्कर मार दी थी. टक्कर से मारे गए जज की मौत की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें दिखाई दिया कि टेम्पोनुमा ऑटो पहले सीधे सड़क पर जा रही था और जज सड़क किनारे वॉक कर रहे थे. लेकिन आचनक सड़क किनारे आकर ऑटो जज को टक्कर मारकर फरार हो गया. अब पुलिस इस मामले में हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है लेकिन मीडिया से दूरी बना रखी है.

पुलिस जांच में यह पता चला है कि जज की संदिग्ध हत्या में इस्तेमाल किया गया ऑटो चोरी का था. इस मामले में एक खबर में कहा गया है कि यह ऑटो पाथरडीह निवासी सुगनी देवी के नाम पर दर्ज है, जबकि सुगनी का कहना है कि रात में उसका ऑटो चोरी हो गया था और वारदात को अलसुबह अंजाम दिया गया. इस खुलासे के बाद पुलिस कड़ियां जोड़ने और कथित तौर पर धनबाद के दबंगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है.

मृतक जज पूर्व विधायक संजीव स‍िंंह के करीबी रंजय हत्याकांड के मामले में सुनवाई कर रहे थे. यह एक महत्वपूर्ण बात है इसलिए पुलिस इस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है. इस मामले में तीन दिन पहले ही जज आनंद ने उत्तर प्रदेश के इनामी शूटर अभिनव सिंह और होटवार जेल में बंद अमन सिंह से ताल्लुक रखने वाले शूटर रवि ठाकुर व आनंद वर्मा की जमानत का आवेदन खारिज किया था. इसके साथ ही, आनंद कतरास में राजेश गुप्ता के घर पर बमबाज़ी के मामले जैसे कुछ और संवेदनशील केसों की सुनवाई कर रहे थे.

क्या कहते हैं ज़िम्मेदार?

जज आनंद की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों व श्रद्धांजलि देने पहुंचे अन्य न्यायधीशों ने डीआईजी से कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि यह हत्या है. टक्कर मारने वाले ऑटो के बारे में भी परिजनों व न्यायाधीशों ने डीआईजी से जानकारी ली. बोकारो क्षेत्र के डीआईजी मयूर पटेल ने समझाने की कोशिश की और बताया कि पुलिस की सात टीमें इस मामले की जांच में लगाई गई हैं.

बकौल डीआईजी मयूर पटेल :

‘इस गंभीर घटना को लेकर अनुसंधान किया जा रहा है. अलग अलग टीमें तफ्तीश कर रही हैं. जांच के क्रम में सामने आ रहे सभी बिंदुओ पर पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

वहीं धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने न्यायिक अधिकारी पर हमले को चिंता का विषय बताया. सिन्हा के मुताबिक ‘सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि यह हादसा नही हत्या है. यह केस सरकार व प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है. मैं इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करता हूं.’

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