छत्तीसगढ़

परमात्मा के हर जन्मकल्याण को मनाएं : रत्ननिधिश्री

रायपुर : श्री ऋषभदेव जैन श्वेताम्बर मंदिर सदरबाजार में जारी चातुर्मासिक प्रवचन के अंतर्गत साध्वी रत्ननिधिश्री म.सा ने कहा कि तीर्थंकर परमात्माओं के वर्ष भर में 121 कल्याणक होते हैं, हमें हर कल्याणक को अहोभावपूर्वक मनाकर धर्म ध्यान, साधना-आराधना, व्रत पूजन करना चाहिए। इतना भी न हो सके तो भगवान महावीर स्वामी के हर कल्याणक की हमें उर्जवनी करनी चाहिए। भगवान पाश्र्वनाथ की आत्मा में अपने देव भव में 500 कल्याणकों की उर्जवनी कर पूजन किया। आज उनका प्रताप हर स्थान पर है,भगवान पाश्र्वनार्थ की प्रतिमा के समक्ष उनका पूजन आज हर स्थान पर होता है। भगवान नेमीनाथ के जंन्म कल्याणक के अवसर पर आज यहां नवगठित निपुणा आराधक महिला मंडल की ओर से विधिपूर्वक स्नात्र पूजा की जा रही है। भगवान नेमीनाथ के जन्म कल्याणक अवसर पर इंद्र महाराजा पांच रूपों को धारण कर उन्हें मेरु पर्वत पर माता की आज्ञा से मेरु पर्वत पर अभिषेक के लिए ले जाते हैं। सच्चा श्रावक वह है जो तीर्थंकर परमात्माओं के हर कल्याणक को तीर्थ स्थलों पर या मंदिरों में जाकर विधिविधानपूर्वक पूजन कर मनाता है। भगवान नेमीनाथ के आज जन्म कल्याणक के अवसर पर देवगण अपने देवलोक के सुखों को छोड़कर 1 करोड़ 60 लाख कलशों से उकन जलाभिषेक करने नंदीश्वर द्विप पर जाकर अष्टप्रकारी पूजा के साथ भक्ति करते हैं।

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